पानीपत। अमर उजाला में प्रकाशित खबर।
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पानीपत। वार्ड नंबर तीन में 17 वर्ष बाद जमीन से निकली सीवरेज लाइन का अभी तक भी किसी भी विभाग के पास कोई रिकॉर्ड नहीं है। यह एक रहस्य बन गया है। लगातार एक साल तक पानीपत से लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय तक चक्कर काटने के बाद फरियादी को अधिकारियों ने लिखित में जवाब दिया है कि उनके पास इस लाइन का न तो कोई रिकॉर्ड है और न ही इस प्रोजेक्ट की फाइल कभी उनके कार्यालय आई।
हालांकि जनस्वास्थ्य विभाग लाइन को खोजने के बाद इसे चालू करवाने और रखरखाव की तैयारियों को पूरा कर रहा है। हैरानी की बात ये है कि करोड़ों रुपये का एक सीवरेज प्रोजेक्ट शहर में बिछाया गया लेकिन इसे किसने और कब बिछाया एवं कितना रुपया खर्च हुआ, इसकी जानकारी ही नहीं है। दूसरी तरफ शिकायतकर्ता ने इस प्रोजेक्ट में करोड़ों रुपये के गबन करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि कोई लाइन या प्रोजेक्ट बनाया जाता है तो उसका कोई रिकॉर्ड न मिले, यह अजब है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि अधिकारी जानबूझकर इस प्रोजेक्ट को छुपा रहे हैं।