पानीपत। जिला नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे पर महिला प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। लेकिन किसी भी स्वास्थ्यकर्मी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। करीब 15 मिनट बाद महिला ने फर्श पर ही एक बच्ची को जन्म दिया। जिसके बाद स्वास्थ्यकर्मी दौड़े और प्रसव की प्रक्रिया को पूरा कर मां-बेटी को बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
मूल रूप से बिहार के बक्सर जिले के रहने वाले धांजी राम ने बताया कि वह एनएफएल विकासनगर के पास रहते हैं। उन्हीं के पास उनके गांव के लाल बाबूराम का परिवार भी रहता है। लाल बाबूराम फैक्टरी में मजदूरी करते हैं। उनकी पत्नी रिद्धिमा गर्भवती थी। रविवार सुबह को उसे प्रसव पीड़ा शुरू हुई तो वह उसे लेकर नागरिक अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे। पहले तो एंबुलेंस के लिए प्रयास किया। जब एंबुलेंस का इंतजाम नहीं हुआ तो वह ई-रिक्शा में बैठाकर ही उन्हें अस्पताल तक पहुंच गए। दोपहर को करीब 12:40 पर वह नागरिक अस्पताल की इमरजेंसी वार्ड के दरवाजे पर पहुंचे। परिजन स्ट्रेचर लेने के लिए वार्ड में पहुंचे। तब तक रिद्धिमा की प्रसव पीड़ा बढ़ गई और वह इमरजेंसी के दरवाजे पर ही फर्श पर लेट गई। करीब 15 मिनट तक वह वहीं पर प्रसव पीड़ा से तड़पती रही। इसके बाद उसने एक बेटी को जन्म दे दिया।
जैसे ही फर्श पर महिला द्वार बच्चे को जन्म देने की जानकारी मिली इमरजेंसी में तैनात स्वास्थ्यकर्मियों तक पहुंची तो अफरातफरी मच गई। तुरंत ही स्वास्थ्यकर्मी वहां पर पहुंचे और महिला का प्रसव कराया। इसके बाद महिला को नागरिक अस्पताल के बच्चा वार्ड में भर्ती करा दिया। हालांकि, प्रसव के बाद जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
-
वर्जन
इमरजेंसी वार्ड में एक महिला पहुंची थी। प्रसव पीड़ा अधिक होने के कारण महिला फर्श पर ही लेट गई थी। जहां पर उसका प्रसव होना शुरू हो गया था। तुरंत ही स्वास्थ्यकर्मी ने स्थिति को संभाला महिला का सुरक्षित प्रसव कराया। फिलहाल जच्चा बच्चा स्वस्थ्य हैं।
-डॉ. सुखप्रीत सिंह, इमरजेंसी इंचार्ज।