पानीपत। वर्ष 2021 भी बीतने को आया लेकिन जिले के खिलाड़ियों को बहुउद्देश्यीय हॉल नहीं मिल सका। उनका इंतजार खत्म ही नहीं हो रहा है। समालखा और इसराना के मिनी स्टेडियम के अलावा इंडोर गेम्स की तैयारी के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल नहीं है। नतीजा इंडोर गेम्स के खिलाड़ियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जिले में इस समय पांच स्टेडियम हैं। इनके अलावा दो मिनी और एक राष्ट्रीय स्तरीय स्टेडियम पानीपत निर्माणाधीन है, इनमें बहुउद्देश्यीय हॉल भी हैं। जबकि जिले के मुख्य स्टेडियम शिवाजी स्टेडियम का बहुउद्देश्यीय हॉल बनकर तैयार नहीं है। यहां फिनिशिंग बाकी और उपकरण भी नहीं आएं हैं।
शहर एवं गांव सिवाह से सटे 40 से ज्यादा गांव के पास नहीं है हॉल
शहर के आसपास बाबरपुर, निजामपुर,जाटल समेत 20 से ज्यादा गांव के खिलाड़ियों के लिए बहुउद्देश्यीय हॉल नहीं है। इसके साथ ही गांव सिवाह से सटे 20 से ज्यादा गांव के खिलाड़ियों की भी यही परेशानी है।
किसी भी स्टेडियम में नहीं है इंडोर गेम्स के उपकरण
जिले के किसी भी स्टेडियम में इंडोर गेम्स के खिलाड़ियों के लिए उपकरण नहीं है। इसकी वजह से इस वर्ष भी नए खिलाड़ियों की कमी रही। नीरज चोपड़ा के ओलंपिक स्वर्ण पदक जीतने के बाद जिले के नन्हें खिलाड़ी स्टेडियम पहुंचे तो उपकरण ही नहीं मिले। नतीजा उन्हें निजी खेल अकादमियों में दाखिला लेकर सीखना पड़ रहा है।
शिवाजी स्टेडियम में नहीं लगा सकें घास
शिवाजी स्टेडियम के मैदान में खिलाड़ियों को परेशानी होती है। रनिंग ट्रैक के बीच में घास लगा हुए एक मैदान होना चाहिए। जहां खिलाड़ी भाला भेंक, डिस्कस थ्रो जैसे खेलों का अभ्यास कर सकें, लेकिन यहां घास तक नहीं लगाई जा सकी है।