पानीपत। पश्चिमी यमुना लिंक नहर में गिरे 16 वर्षीय किशोर का पांच दिन बाद भी कोई सुराग नहीं लग पाया है। गाजियाबाद से बुलाई गई एनडीआरएफ की टीम भी किशोर को ढूंढने में असफल साबित हुई। हालांकि पानीपत पुलिस अभी भी सरकारी चार गोताखोर और नाव की मदद से किशोर को ढूंढने के लिए नहर में लगातार सर्च अभियान चला रही है। वहीं दूसरी तरफ परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजन स्वयं खुबडू झाल तक रोजाना चक्कर लगा रहे है।
गौरतलब है कि गांव दीवाना निवासी शिवराज ने बताया कि वह शुक्रवार शाम करीब साढ़े चार बजे अपने ताऊ के लड़के कुलदीप (16) पुत्र राम अवतार और आकाश पुत्र सुभाष के साथ घुमने के लिए पश्चिमी लिंक नहर पर गए थे। वह महराणा गांव के पास नहर की पटरी पर खड़े होकर बात कर रहे थे। वह वीडियो बना रहे थे और सेल्फी ले रहे थे, तभी कुलदीप का पैर फिसल गया और वह नहर में गिर पड़ा था। वह बचाने के लिए नहर में कूद गया, लेकिन उसका भी संतुलन बिगड़ गया और वह भी डूबने लगा तो दोस्त आकाश ने उसे बचा लिया, लेकिन वह कुलदीप को नहीं निकाल पाए।
देखते देखते कुलदीप उनके सामने नहर में बहता गया और कुछ दूरी पर जाकर डूब गया। उन्होंने शोर मचाकर आस पास के लोगों से मदद की गुहार लगाई , लेकिन जब तक लोग आए, तब तक देर हो चुकी थी। कुलदीप का इटली जाने का सपना था, वह इसी की तैयारी कर रहा था, कुलदीप के साथ उसका इटली जाने का सपना भी डूब गया।
नहर में लगातार सर्च अभियान चला जा रहा है, सरकारी गोताखोर की टीम तलाश करने में जुटी हुई है। वहीं गाजियाबाद से भी एनडीआरएफ की टीम भी बुलाई गई थी, लेकिन अभी तक कुलदीप का कोई सुराग नहीं लग पाया है।
- हेमराज राणा, आठ मरला चौकी इंचार्ज।