पानीपत। बिजली निगम के खुले दरबार में लोगों की शिकायते सुनते हुए।
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पानीपत। सेक्टर-6 स्थित 33 केवी विद्युत सब स्टेशन के हॉल में बुधवार को खुला दरबार लगाया गया। इस मौके पर आई मिली शिकायत के निस्तारण के लिए एसडीओ नदारत मिले, जिस पर सीजीआएएफ के चेयरमैन भड़क गए। बोले- ‘‘खुले दरबार को मजाक बना रखा है।’’ खुले दरबार में 25 शिकायतें आई, जिनमें से चेयरमैन ने 11 का मौके पर ही समाधान किया जबकि 14 शिकायतों के केस बनाकर ले गए।
खुले दरबार में सीजीआरएफ के चेयरमैन आरके शर्मा उपभोक्ताओं की शिकायत सुन रहे थे। इस दौरान सिटी एसडीओ उपस्थित नहीं मिले, जिस पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यहां पर लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं और एसडीओ ही नहीं हैं। खुले दरबार में ज्यादातर शिकायतें गलत रीडिंग और बिलों को लेकर रहीं। सबसे ज्यादा शिकायतें सिटी डिवीजन के उपभोक्ताओं की आई, जिनके एसडीओ गायब थे।
इन उपभोक्ताओं के घरों के बिजली मीटरों की रीडिंग गलत ली गई थी, जिसके आधार पर अधिक बिल भेज दिया गया था। जिस पर चेयरमैन ने कहा कि बहुत ज्यादा शिकायतें आ रही हैं इसलिए अगला खुला दरबार सिटी डिवीजन में लगाया जाएगा। लंबित 14 शिकायतों अगले खुले दरबार में फीडबैक के साथ रखने का निर्देश दिया गया। खुले दरबार में अन्य डिवीजनों के एसडीओ, एक्सईएन और एसई मौके रहे।
बोले उपभोक्ता :
कभी रीडिंग के हिसाब से नहीं आता है बिल
बिल कभी भी रीडिंग के हिसाब से नहीं आता। दो वर्ष में कई बार ठीक करवाया लेकिन हर बार बिल गलत ही आ रहा है। पहले जहां पर 500 से 1000 के बीच बिल आता था, अब दो से तीन हजार के बीच बिल आ रहा है। कई बार शिकायत दे चुका हूं लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ।
- कर्मबीर, उपभोक्ता
80 वर्षीय वृद्धा 70 हजार के बिल से परेशान
पिछले एक वर्ष में पति और बेटे की सड़क हादसे में मौत हो गई। घर में कोई कमाने वाला नहीं है। उम्र 80 वर्ष है। पहले बिल 56 हजार रुपये आया था, जिसे ठीक कराया तो अब 70 हजार रुपये का बिल आ गया है।
- आशा, उपभोक्ता