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Panipat News: पोषण से सजेगी थाली, बच्चों को मिलेगा पौष्टिक भोजन

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पानीपत। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को अब मिड-डे मील योजना के तहत पहले से अधिक पौष्टिक व संतुलित भोजन मिलेगा। सरकार ने मिड-डे मील योजना की दरों में वृद्धि करते हुए नई राशि लागू कर दी है। नई व्यवस्था के तहत बाल वाटिका से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों पर 6.78 रुपये प्रतिदिन और कक्षा छठी से आठवीं तक के विद्यार्थियों पर 10.17 रुपये प्रतिदिन खर्च किए जाएंगे।
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नई दरें लागू होने से स्कूलों को बेहतर गुणवत्ता की खाद्य सामग्री खरीदने में सुविधा मिलेगी। विद्यार्थियों की थाली में अब सब्जियां, गुड़, दूध, दही, चना, मूंग, उड़द, चावल के साथ-साथ राजमा, बाजरा, रागी और सोया जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ भी शामिल किए जाएंगे। शिक्षा विभाग का मानना है कि इससे बच्चों को संतुलित पोषण मिलेगा और उनकी शारीरिक व मानसिक वृद्धि बेहतर होगी।

सरकार द्वारा खाद्य सामग्री की बढ़ती कीमतों को देखते हुए यह निर्णय लिया गया है। पहले सीमित बजट के कारण स्कूलों को भोजन तैयार करने में कई व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था। नई व्यवस्था से स्कूलों को आर्थिक राहत भी मिलेगी और भोजन की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
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प्राथमिक बच्चों की थाली पर 6.78 रुपये प्रतिदिन
शिक्षा विभाग के अनुसार बाल वाटिका से कक्षा पांचवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 6.78 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन की राशि निर्धारित की गई है, इसमें 2.54 रुपये सामग्री परिवहन व कुकिंग कॉस्ट और 4.24 रुपये सामग्री लागत शामिल है। इस राशि से बच्चों के भोजन में सब्जियां, गुड़, दूध, दही और अंडे जैसी पौष्टिक चीजें शामिल की जाएंगी। इसके अलावा चना, मूंग, उड़द और चावल भी दिए जाएंगे ताकि बच्चों को संतुलित पोषण मिल सके।


4.79 रुपये कुकिंग कॉस्ट और 5.38 सामग्री लागत की तय
कक्षा छठीं से आठवीं तक के विद्यार्थियों के लिए 10.17 रुपये प्रति छात्र प्रतिदिन खर्च निर्धारित किया गया है, इसमें 4.79 रुपये कुकिंग कॉस्ट और 5.38 रुपये सामग्री लागत तय की गई है। बड़े बच्चों की थाली में पोषण स्तर को ध्यान में रखते हुए राजमा, चना, रागी, बाजरा और रागी आटा जैसे पोषक खाद्य पदार्थ शामिल किए जाएंगे।


कहां से होगी सामग्रियों की खरीद
नई व्यवस्था के तहत यह भी स्पष्ट किया गया है कि किन सामग्रियों की खरीद स्कूल स्तर पर होगी और कौन-सी सामग्री विभागीय एजेंसियों के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। स्कूलों को सब्जियां, गुड़, दूध, दही और अंडों का खर्च स्वयं वहन करना होगा जबकि अन्य आवश्यक खाद्य सामग्री विभागीय स्तर से उपलब्ध कराई जाएगी। बच्चों को प्रोटीन, कैल्शियम और ऊर्जा से भरपूर भोजन उपलब्ध कराने के लिए राजमा, सोया, बाजरा और रागी जैसी चीजों को विशेष रूप से भोजन में शामिल किया गया है।




सरकार द्वारा मिड-डे मील योजना की राशि बढ़ाना सराहनीय कदम है। इससे बच्चों को पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी और स्कूलों में भोजन की गुणवत्ता ओर बेहतर होगी। सभी स्कूलों को नई व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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- नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, पानीपत।
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