पानीपत। नगर निगम की प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से परेशान तीन बुजुर्ग निगम के पालिका बाजार कार्यालय में निकाय मंत्री के आने की सूचना पर उनसे मिलने के लिए इंतजार करते रहे, लेकिन मंत्री एक कार्यक्रम में शामिल होने के बाद बगैर मिले ही चले गए। इस पर इन बुजुर्गों का गुबार फूट पड़ा। निगम अफसरों के साथ शहर के नेताओं को जी भर कर खरी-खोटी सुनाई। इस दौरान अपना दर्द बयां करते उनके गले रुंध गए। नम आंखों से बुजुर्ग बोले- हम तो जी लिए, अब भगवान ही हमारी फरियाद सुनेगा।
हैरानी की बात यह रही कि इतना सब होने के बावजूद उनकी मदद करने वाला निगम में कोई नहीं था। पैदल चल पाने तक में लाचार बुजुर्ग एक इमारत से दूसरी की सीढ़ियां चढ़ते गए, लेकिन मंत्री भी नहीं मिले। इसके बाद बुजुर्गों का दर्द पूरे निगम कार्यालय में गूंजा। बुजुर्गों ने चिल्ला कर निगम अफसरों और नेताओं के लिए खरी खोटी सुनाई। जनप्रतिनिधियों के लिए मुर्दाबाद के नारे तक लगाए। निगम की कार्यप्रणाली से बुजुर्ग इस हद तक परेशान नजर आए कि उनके मुंह से कई बार अपशब्द भी निकल गए। उसे सुनकर कई कर्मचारी अपने दफ्तरों में घुस गए। हालांकि बाद में टैक्स ब्रांच के कुछ अफसरों ने उन्हें काम कराने का आश्वासन दिया।
बुजुर्ग एक :
एक पैर में रॉड, चलने में लाचार, 26 महीने से कटवा रहे चक्कर
गंगापुरी रोड निवासी 77 वर्षीय मनोहर लाल बठला ने कहा कि वह चलने में लाचार हैं। उनके एक पैर में डेढ़ फीट की रॉड पड़ी है। पिछले 26 माह से निगम कार्यालय में चक्कर काट रहे हैं, लेकिन निगम अफसर उनका काम नहीं करते। आए दिन उन्हें निगम की तीन मंजिला इमारत की सीढ़ियां चढ़वाई जाती हैं। रिश्वत की मांग की जाती है।
बुजुर्ग दो :
अधिकारी प्रॉपर्टी आईडी बना रहे न बिल ही दे रहे
रोशन महल निवासी 80 वर्षीय स्वरूप चंद ने बताया कि दोनों टांगें अब काम नहीं करतीं। निगम अधिकारी न उनकी प्रॉपर्टी आईडी बना रहे हैं, न बिल दे रहे हैं। उनका रिकॉर्ड भी गलत बना दिया है। रोजाना धक्के खाने के लिए बुलाया जाता है। बड़ी मुश्किल से निगम की सीढ़ियां चढ़ते हैं, लेकिन उन्हें दया नहीं आई।
बुजुर्ग तीन :
रिहायशी मकान को व्यावसायिक दिखा दिया, ठीक नहीं कर रहे
तहसील कैंप के भगत नगर निवासी 63 वर्षीय बुजुर्ग रंजीत सिंह ने बताया कि उनका एक छोटा सा 65 गज का रिहायशी मकान है, लेकिन निगम ने इसे अपने रिकॉर्ड में व्यावसायिक बना दिया है। इससे करीब 45 हजार रुपये टैक्स बन गया है। वह पिछले डेढ़ माह से निगम से चक्कर काट रहे हैं, लेकिन अफसर नहीं सुन रहे।
वर्जन:
प्रॉपर्टी टैक्स की समस्या से जूझ रहे लोगों की समस्याओं का जल्द से जल्द समाधान कराया जाएगा। इसे लेकर रोजाना अधिकारियों से फीडबैक भी लिया जा रहा है। लोगों को परेशान नहीं होने दिया जाएगा।
- दुष्यंत भट्ट, वरिष्ठ उप महापौर