पानीपत। जिला कष्ट निवारण समिति की बैठक में हाथ जोड़कर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला से अपनी मां?
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पानीपत। डिप्टी सीएम के सामने वीर भवन चुंगी के हुकम चंद ने बताया कि उन्होंने करीब दस माह पहले अपनी टांग का इलाज मॉडल टाउन के डॉ. संजय सोनी से करवाया था। डॉक्टर ने कैंसर बताते हुए टांग ही काट दी जबकि उसे कैंसर नहीं था। उसकी टांग का घाव आज तक नहीं भर पाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत पर डॉक्टर ने उन्हें अस्पताल से बाहर निकाल दिया और जान से मारने की भी धमकी दी। इस पर डिप्टी सीएम ने सीएमओ से तीन डॉक्टरों का पैनल बनाकर पीड़ित का उसके मनचाहे अस्पताल में इलाज करवाने और इसकी भरपाई डॉक्टर सोनी से करवाने के आदेश दिए। डॉक्टरों की ये टीम उनके इलाज से लेकर खर्च तक की मॉनिटरिंग भी करेगी।
दो साल में बदले चार एसडीएम, नहीं मिला इंसाफ
गांव फिरोजपुर निवासी सीमा की शिकायत थी कि उनके बहनोई महेश की हत्या की गई। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से इसका खुलासा हुआ है। पुलिस ने उनको बताया कि उनकी मौत से छत से गिरने से हुई है। उन्होंने इसकी मजिस्ट्रेट जांच मांगी तो एसडीम गौरव कुमार को नियुक्त किया गया। दो दिन बाद उनका भी तबादला हो गया। दो साल से चार एसडीएम बदले जा चुके हैं लेकिन इंसाफ नहीं मिल सका है। इस पर समालाखा एसडीएम ने कहा कि पूरे मामले की जांच रिपोर्ट सौंपी जा चुकी है जिसमेें ये प्रकरण हत्या नहीं लग रहा है। डिप्टी सीएम ने एसडीएम से ने शिकायकर्ता को जांच रिपोर्ट दिलवाने के निर्देश दिए।
बिजली निगम ने डिफॉल्टर को दिया कनेक्शन, अब करेगा वसूली
समालखा निवासी कपिल जागलान ने बताया कि उनकी फैक्टरी विजय ने किराए पर ली गई थी जिस पर उन्होंने अपनी फर्म के नाम से मीटर लगवा लिया। इसका बिल 76 लाख रुपये बकाया है। फरियादी ने कहा कि अब विजय ने दूसरी जगह फैक्टरी ली और दूसरा मीटर लगवा लिया है। उसने पूरी जानकारी और शिकायत बार बार निगम अधिकारियों को दी लेकिन उन्होंने इस बिल की रिकवरी उससे नहीं की और न मीटर काटा। अब विजय उन्हें परेशान कर रहा है। इस पर उपमुख्यमंत्री दुष्यंत चौटाला ने बुधवार तक इसकी विवरण रिपोर्ट तैयार करने और समालखा एसएचओ को इसमें एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए।
विकास कार्यों में भ्रष्टाचार, अब विजिलेंस करेगी जांच
गांव खौजकीपुर खुर्द निवासी मनोज कुमार ने बताया कि सरकार ने गांव के विकास के लिए करीब डेढ़ करोड़ का बजट भेजा था। इसमें से 50 लाख रुपये भी कामों पर नहीं लगाए गए। बीडीपीओ विभाग द्वारा पिछले प्लान में करवाए गए विकास कार्यों की सूची को इसमें जोड़ दिया गया है। इसकी शिकायत की तो झूठी एटीआर रिपोर्ट बना दी गई है। इसके बाद एसडीओ रैंक के अधिकारी से प्रकरण की जांच करवाई गई ये भी गलत बनी है। जिस पर उप मुख्यमंत्री द्वारा इसकी जांच चीफ विजलेंस ऑफिसर द्वारा करवाने के निर्देश दिए गए हैं।