पानीपत। ग्रेटर नोएडा में आयोजित पांच दिवसीय दिल्ली मेले में इस बार भी मिला जुला असर देखने को मिला। मेले में पानीपत से करीब 250 निर्यातक नए व्यापारिक समझौते के चलते व्यापार तेज होने की उम्मीद से शामिल हुए थे। मेले में अमेरिका और यूरोप की अपेक्षा रूस, ताइवान और दक्षिण अफ्रीका के खरीदार पहुंचे। निर्यातकों को इन देशों से ऑर्डर मिले हैं। अमेरिका और यूरोप के खरीदारों के न आने पर निर्यातकों को मायूसी मिली है।
ग्रेटर नोएडा में दिल्ली मेला 14 फरवरी को शुरू किया था। पांच दिवसीय मेले का बुधवार को समापन हो गया। निर्यातक अपने स्टॉल से दोपहर बाद ही सामान समेटने लगे। उद्यमी गुलशन मल्होत्रा, रोहन गोयल, रवि छाबड़ा और जोली ने बताया कि अमेरिका और अन्य देशों के साथ व्यापारिक समझौते होने से दिल्ली मेले में इन देशों के खरीदार पहुंचने की उम्मीद थी। पांच दिन चले मेले में अमेरिका और यूरोप के खरीदार अपेक्षाकृत नहीं आए, ऐसे में निर्यातकों को मायूसी मिली है।
जर्मनी के बाद दूसरा मेला ढीला रहा
जर्मनी में पिछले महीने अंतरराष्ट्रीय स्तर का सबसे बड़ा मेला लगाया गया था, इसमें पानीपत के करीब 200 निर्यातक शामिल हुए थे, इसमें अमेरिका के बायर्स नहीं पहुंच पाए थे। ऐसे में 1000 से 1500 करोड़ के ही ऑर्डर मिल पाए थे जबकि इससे पिछले साल करीब चार हजार करोड़ के ऑर्डर मिले थे। अमेरिका के टैरिफ कम करने के बाद भी खरीदार के आगे न आने से निर्यातकों की चिंता बढ़ रही है। हैंडलूम एक्सपोर्ट मैन्यूफैक्चरर एसोसिएशन के प्रधान रमेश वर्मा ने बताया कि नए व्यापारिक समझौते अभी धरातल पर रंग नहीं ला रहे हैं, इसमें अभी समय लगेगा। अमेरिका से ऑर्डर मिलने के बाद निर्यात बढ़ सकता है।
10 हजार करोड़ का व्यापार आधा आया
पानीपत में करीब 37 हजार औद्योगिक इकाइयां हैं। पानीपत से करीब 20 हजार करोड़ रुपये का निर्यात होता था, इसमें से अकेले करीब 10 हजार करोड़ का व्यापार अमेरिका में था। अमेरिका के पिछले साल टैरिफ 50 प्रतिशत करने से व्यापार लगातार घट गया था। यह आधा रह गया था। उद्यमियों को नए ऑर्डर भी सीधे नहीं मिल पा रहे थे। उनको दूसरे देशों के माध्यम व्यापार करना पड़ रहा था, ऐसे में कमीशन भी लगातार बढ़ रही थी।
दिल्ली मेले में अपेक्षाकृत ऑर्डर नहीं मिल पाए हैं, पिछले महीने जर्मनी में मेला था और पिछले सप्ताह यूरोप में अंतरराष्ट्रीय स्तर का दूसरा बड़ा मेला खत्म हुआ है, इसके चलते खरीदार कम पहुंच पाए हैं।
- विनोद धमीजा, प्रधान, हरियाणा चैंबर ऑफ कॉमर्स पानीपत चैप्टर।