पानीपत। चार बच्चों को रविवार को सड़क पर छोड़ने के मामले में मंगलवार को नया मोड़ आ गया। माता-पिता बच्चों को लेने के लिए बाल कल्याण समिति के कार्यालय पहुंच गए। माता-पिता को देखकर बच्चे उनसे लिपटकर रोने लगे। बच्चों ने दोनों से एक ही सवाल किया हमें छोड़कर कहां चले गए थे।
जिसके बाद माता-पिता भी भावुक हो गए और उन्हें अपनी गलती का अहसास हो गया। माता-पिता ने आगे से ऐसी गलती न करने की बात कही। इसके बाद बाल कल्याण समिति ने चारों बच्चों को उनके सुपुर्द कर दिया।
रविवार रात को एक व्यक्ति अपने चार बच्चों को थाना चांदनी बाग क्षेत्र की चौकी सेक्टर-12 के पास छोड़कर गया था। बच्चों में सबसे बड़े बच्चे की उम्र 11 वर्ष है और छोटे की उम्र करीब दो साल है। पुलिस ने बच्चों को बाल कल्याण समिति को सौंप दिया था। जांच में पता चला था कि बच्चों के माता-पिता करनाल के बसंत कॉलोनी में रहते हैं और मजदूरी करते हैं।
कुछ दिन पहले मां उन्हें छोड़कर अपने प्रेमी के साथ चली गई थी। इसके बाद रविवार रात को उनके पिता उन्हें लेकर पानीपत पहुंचे और चौकी के पास छोड़कर चले गए। मंगलवार को बाल कल्याण समिति ने बच्चों के माता-पिता दोनों को कार्यालय में बुलाया। जहां पर दोनों की काउंसिलिंग कराई गई।
बाल कल्याण समिति की चेयरपर्सन पदमा रानी ने बताया कि माता-पिता दोनों की अलग-अलग काउंसिलिंग कराई गई। जिसमें पिता ने बताया कि उसकी पत्नी चली गई थी। वह बीमार रहता है जिस कारण उसने बच्चों को छोड़ दिया था।
जिससे सरकार उसके बच्चों का पालन कर सके। वहीं महिला ने भी अपनी गलती मानी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को अपने साथ ले जाने के लिए तैयार हो गए। बाल कल्याण समिति ने बच्चों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
साथ ही चेतावनी दी है कि आगे से ऐसा किया तो उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।