पानीपत। अमर उजाला में 8 जनवरी 2022 को प्रकाशित खबर।
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पानीपत। शुगर मिल से बगैर बिल के करीब छह लाख रुपये कीमत का शीरा ले जाने के फर्जीवाड़े में दो दिन बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। इसकी पड़ताल के लिए गठित जांच कमेटी ने भी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। इसके विरोध में शनिवार को शुगर मिल मजदूर संघ और इंटक की कर्मचारी यूनियन के पदाधिकारी एमडी से मिले और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
जांच के लिए गठित आठ सदस्यीय कमेटी को शीरे के सीजन के उत्पादन और खपत की जांच के लिए दो दिन का समय दिया गया था। इसके साथ ही पहले और बाद के स्टॉक की जांच भी करनी है। अब शनिवार शाम तक समय पूरा होने के बाद भी कमेटी ने अपनी रिपोर्ट नहीं सौंपी है। वहीं, मौके पर जिन अधिकारियों एवं कर्मचारियों की मिलीभगत से फर्जीवाड़ा पकड़ा गया, उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है। हालांकि शुगर मिल एमडी ने सोमवार तक संलिप्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों पर कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। गौरतलब है कि पहले भी शुगर मिल से करीब पांच करोड़ रुपये की लागत का 65 हजार क्विंटल शीरे का घोटाला पकड़ा गया था।
एमडी से मिले थे, की थी कार्रवाई की मांग
अब तक मिल प्रबंधन की तरफ से शीरे के फर्जीवाड़े पर कोई कार्रवाई नहीं की गई है और न ही गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट सौंपी है। ये सब मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। इसके विरोध में दोनों कर्मचारी यूनियन एमडी से मिले और संलिप्त भ्रष्ट कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की थी। - विरेंद्र राणा, प्रदेश महासचिव, हरियाणा शुगर मिल कर्मचारी महासंघ।
कल होगी कार्रवाई : एमडी
पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जो भी अधिकारी व कर्मचारी इसमें संलिप्त हैं उन पर सोमवार को कार्रवाई की जाएगी। वहीं, कमेटी भी अपनी रिपोर्ट सोमवार तक सौंप देगी। किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा। मिल में किसी भी प्रकार से भ्रष्टाचार नहीं होने दिया जाएगा। - नवदीप सिंह, एमडी, शुगर मिल, पानीपत।