पानीपत। साढ़े तीन करोड़ के सफाई टेंडर के बाद भी शहर में गंदगी के हालात का जायजा लेने खुद निगम आयुक्त बुधवार सुबह वार्डों का दौरा करने निकले। इस दौरान उन्होंने वार्ड नंबर आठ, 11 और 22 में साफ-सफाई का जायजा लिया। इस दौरान गंदगी मिलने पर उन्होंने निगम की सफाई शाखा को सफाई करवाने का निर्देश दिया। आयुक्त ने चेतावनी दी कि यहां सिर्फ दो दिन में सफाई होनी चाहिए। या तो शहर में सफाई करवाएं या कार्रवाई को तैैयार रहें। आयुक्त के निर्देशों पर निगम की सफाई शाखा ने शहर की सफाई का जिम्मा संभालने वाली तीनों एजेंसियों के खिलाफ नोटिस तक देने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि अगर सफाई नहीं हुई तो एजेंसियों पर जुर्माना लगना तय है। नगर निगम आयुक्त यशेंद्र सिंह के इस दौरे में उनके साथ वार्ड नंबर 22 के पार्षद पति योगेश डावर, मुख्य सफाई निरीक्षक जितेद्र कुमार, सफाई निरीक्षक गुरमीत और परमजीत भी साथ रहे।
आयुक्त यशेंद्र सिंह ने वार्ड में सफाई व्यवस्था देखी और सड़कों पर पड़े कूड़े के ढेर पर नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा कि इन ढेरों को सुबह 10 बजे तक भी क्यों नहीं उठाया गया। वार्ड के संबंधित सहायक सफाई निरीक्षक परमजीत को निर्देश दिए कि उनको सौंपे गए वार्ड में समय से सफाई हो और कूड़े के ढेरों का उठान समय से करवाया जाए।
आयुक्त ने सफाई निरीक्षकों को आदेश दिए कि नालियों की सफाई के दौरान जो सिल्ट निकाली जाती है, उसका उठान भी शीघ्र करवाए जाए। आम तौर पर देखने में आता है और लोगों की भी यही शिकायत रहती है कि नालियों से जो सिल्ट निकाली जाती है, उसका समय पर उठान न होने से वही सिल्ट नाली में दोबारा गिर जाती है। वार्ड नंबर आठ में दौरा करने के दौरान आयुक्त ने स्थानीय लोगों से भी बातचीत की और आश्वासन दिया कि सफाई से संबंधित सभी प्रकार की शिकायतों को शीघ्र दूर किया जाएगा।
यह भी की घोषणा
निगम आयुक्त ने वार्ड में कम आय के लोगों की बस्तियों के बच्चों के लिए सरकार की योजनाओ के अंतर्गत (कौशल रोजगार विकास योजना) संबंधित विभाग से इन बच्चों को प्रशिक्षण दिलवाया जाएगा। इन कम आय के लोगों की बस्तियों में वातानुकूलित लाइब्रेरी का निर्माण करवाया जाएगा। इन बस्तियों में लोगों की सुविधा के लिए सामुदायिक केंद्रों का निर्माण भी करवाया जाएगा, जिसमें वे अपने घरों के नजदीक ही सामाजिक आयोजन करवा सकेंगे।