पिछले 15 दिनों में तापमान में 8 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई है। रात का न्यूनतम तापमान 15 डिग्री तक गिर चुका है। यही कारण है कि अब जिले का प्रदूषण स्तर लगातार बढ़ रहा है। तापमान कम होने से हवा की गुणवत्ता काफी हल्की हो गई है। भूमि से 500 फुट तक का तापमान ठंडा है जबकि इससे उपर तापमान गर्म है। यही कारण है कि अब धूल के कण व धुआं ऊपर नहीं जा पा रहा है और प्रदूषण स्तर काफी बढ़ रहा है। शाम के वक्त सांस लेने में भी दिक्कत महसूस हो रही है। आंखों में जलन महसूस हो रही है। इसको लेकर डॉक्टरों ने भी चिंता जाहिर की है।
आठ अक्टूबर को इंडेक्स 124 था और 14 अक्टूबर को इंडेक्स 140 पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान इंडेक्स का स्तर 150 से ऊपर भी पहुंच चुका है। वहीं जिले भर में धान के अवशेषों में आगजनी के मामले सामने आ रहे हैं। वाहनों की आवाजाही बढ़ने के कारण सड़कों पर धूल उड़ती है, जिस कारण भी प्रदूषण बढ़ जाता है। कृषि विभाग की तरफ से आगजनी के 41 मामलों में किसानों को 70 हजार रुपये जुर्माना किया जा चुका है। आगजनी के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर भी बुरा असर पड़ रहा है।
बाहर निकलने से करें परहेज
डॉ. अमित कुमार का कहना है कि प्रदूषण के कारण सांस लेने में दिक्कत होती है। ऐसे में आंखों व चमड़ी के रोग बढ़ते हैं। फेफड़ों पर बुरा असर पड़ा है। ऐसे मौसम में हो सके तो घर पर ही रुके। बाहर निकलने से परहेज करें। जिला प्रशासन की तरफ से फसल अवशेषों में आग न लगाने को लेकर किसानों को जागरूक भी किया जा रहा है।
बीते 10 दिन में एक्यूआई 148 अंक उछला
पिछले 10 दिन में पानीपत के वायु गुणवत्ता सूचकांक में 148 अंक की बढ़ोतरी हो गई है। एक्यूआई बुधवार को 226 पहुंच गया। पांच अक्तूबर को पानीपत का एक्यूआई 78 था। प्रदूषण मामलों के एक्सपर्ट डॉ. राजेंद्र के अनुसार ये प्रदूषण स्तर स्वास्थ्य के लिए बहुत खराब है। पीएम-2.5 और पीएम-10 के कण इंसान को बीमार बना रहे हैं।
ऐसे बढ़ रहा है पानीपत का प्रदूषण स्तर-
दिनांक एक्यूआई
5 अक्तूबर 78
6 अक्तूबर 94
7 अक्तूबर 108
8 अक्तूबर 141
9 अक्तूबर 153
10 अक्तूबर 157
11 अक्तूबर 172
12 अक्तूबर 194
13 अक्तूबर 280
14 अक्तूबर 226
14 अक्तूबर 190
इस तरह जानें प्रदूषण का स्तर
एयर क्वालिटी इंडेक्स 0 से 50 तक अच्छा, 51 से 100 तक सामान्य, 101 से 200 तक खतरनाक और सांस के रोगियों के लिए नुकसानदायक, 201 से 300 तक खराब। 301 से 400 तक बहुत ज्यादा खराब। हालांकि इंडेक्स का स्तर हर घंटे कम या ज्यादा होता रहता है।
आने वाले समय में प्रदूषण और बढ़ेगा- डॉ. राजेंद्र
तापमान में एक दम गिरावट आई है। इस कारण प्रदूषण स्तर बढ़ा है। हवा हल्की होने के कारण धूल के कण और धुआं ऊपर नहीं जा पा रहे हैं, ऊपर का तापमान गर्म है। आने वाले दिनों में प्रदूषण का स्तर और अधिक बढ़ सकता है।
-डॉ. राजेंद्र सिंह, एक्सपर्ट, प्रदूषण संबंधी मामले