पानीपत। तालिबान के आतंक की मार पानीपत तक पड़ रही है। तालिबान द्वारा अफगानिस्तान में जाने वाली पानीपत की दवा रोक दी गई है। पानीपत की तीन दवा कंपनियों को वहां के लोगों तक दवा पहुंचाने के लिए तालिबान के अगले फरमान का इंतजार है। अफगानिस्तान के दवा खरीदार ने पानीपत की तीन दवा कंपनियों को लगभग 2 करोड़ रुपये की दवा के ऑर्डर दिए हैं। उसका भुगतान भी पानीपत की दवा कंपनियों को हो चुका है, लेकिन जब तक तालिबान का एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध रहेगा, वहां दवा नहीं भेजी जा सकेंगी। इससे पहले पानीपत की दवा कंपनियां जुलाई महीने में 3 कंटेनर अफगानिस्तान भेज चुकी हैं।
पानीपत की एक दवा कंपनी इंडकोस का कंटेनर पाकिस्तान के बॉर्डर पर फंसा हुआ है। तालिबान के आतंक के कारण वहां की दवा कंपनियां अफगानिस्तान छोड़ने पर मजबूर हो रही हैं। पानीपत की दवा कंपनी लैबोरेट को अफगानिस्तान के खरीदार से एक डॉलर लाख की दवा का ऑर्डर मिला है। वहां से कंपनी को पूर्व भुगतान भी कर दिया गया है। यहां पानीपत की कंपनी ऑर्डर तैयार करने में जुटी है। इसी बीच तालिबान ने एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगा दिया। पानीपत की दवा कंपनी ने अफगानिस्तान के खरीदार को यह कंफर्म कर दिया है कि जब तक प्रतिबंध नहीं हटेंगे, वह दवाइयां नहीं भेज पाएंगे। पानीपत की तीन दवा कंपनियां विश्व के 31 देशों को अपनी दवाइयां सप्लाई करती हैं, इनमें पेट रोग संबंधी दवाई मुख्य हैं।
कुछ ऑर्डर किए रद्द
पानीपत की तीन कंपनियों के अफगानिस्तान में लगभग 15 बड़े खरीदार हैं। वहां से हर माह पानीपत को लगभग पौने दो करोड़ रुपये की दवा का ऑर्डर मिलता है। तालिबान द्वारा एक्सपोर्ट पर प्रतिबंध लगाने के बाद वहां के खरीदार ने फिलहाल कुछ ऑर्डर रद्द कर दिए हैं। इसका पानीपत की दवा कंपनियों को नुकसान हुआ है।
जब तक प्रतिबंध रहेंगे, दवा नहीं भेज सकते : भाटिया
वे पूर्व भुगतान पर काम करते हैं। अफगानिस्तान में उनके दो खरीदार हैं। जुलाई में उन्होंने एक ऑर्डर अफगानिस्तान भेजा है। उसका भुगतान हो चुका है। अभी एक खरीदार का एक लाख डालर का ऑर्डर उनके पास है। जब तक प्रतिबंध नहीं हटेगा, वे दवा नहीं भेज सकते।
-संजय भाटिया, मालिक लैबोरेट कंपनी।