पानीपत। एक लाख का इनाम जीतने के बाद जिम में पहुंचे सुब्बा सिंह पहलवान का स्वागत करते हुए अन्य लोग?
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पानीपत। गांव महमदपुर के पहलवान रोज अखाड़े में जिले के खिलाड़ियों को चुनौती देते थे, जिसे देख सुब्बा ने 2008 में कुश्ती खेलनी शुरू की और सुब्बा पहलवान बन गए। वह अपने गांव के सर्वश्रेष्ठ कुश्ती खिलाड़ी हैं। गांव गांजबड़ में आयोजित दूसरी विशाल कुश्ती दंगल में सुब्बा पहलवान ने प्रदेश के 100 खिलाड़ियों को पछाड़कर रजत पदक प्राप्त किया।
दोस्त ने खेलना सिखाया दंगल
सुब्बा पहलवान ने बताया कि गांव के पहलवानों को देखकर उनमें कुश्ती खेलने की ललक जागी। पहलवान बनने का सपना देखा और अपने दोस्त को बताया। उससे कहा कि एक दिन अच्छा पहलवान बनना चाहत हैं। इसके बाद दोस्त ने उन्हें कुश्ती सिखाई। सुब्बा ने बताया कि वह रोज तीन घंटे अभ्यास करते हैं। सुब्बा के पिता दर्शन खेती करते हैं।
जीत चुके हैं 20 पदक
सुब्बा पहलवान दंगल और कुश्ती चैंपियनशिप में 20 से ज्यादा पदक प्राप्त कर चुके हैं। 2016 में मैट कुश्ती में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता और प्रदेश स्तरीय दंगल में भी पांच से ज्यादा स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।