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Panipat News: एनीमिया के मरीजों पर होगा अध्ययन, 180 मरीजों के लिए सैंपल

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पानीपत। जिले की झुग्गियों, फैक्ट्रियों व ईंट भट्ठों पर रहने वाली 50-60 प्रतिशत महिलाओं, बच्चों और किशोरों में खून की कमी है। अब एनीमिया के असल कारण जानने के लिए स्वास्थ्य विभाग एनीमिया के मरीजों पर अध्ययन करेगा। शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों से 90-90 एनीमिया के मरीजों के रक्त के सैंपल लिए गए हैं। अब डॉक्टर एनीमिया के मरीजों के खान पान, रहन सहन व शरीर की बीमारियों का अध्ययन करेंगे। अध्ययन की रिपोर्ट मुख्यालय भेजी जाएगी।
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स्वास्थ्य विभाग ने नौ जून से 17 सितंबर तक 100 दिन का एनिमिया मुक्त अभियान चलाया था। इस अभियान के दौरान जिले के लगभग 1.70 लाख बच्चों, 80 हजार किशोरों व लगभग 1.20 लाख महिलाओं की जांच की गई है। इनमें लगभग 10 हजार लोग एनीमिया से ग्रस्त मिले थे। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले की 60 प्रतिशत गर्भवतियों में खून की कमी है। 20 प्रतिशत गर्भवतियों में तो आठ ग्राम से भी कम खून है। वहीं 55 प्रतिशत बच्चों में भी खून की कमी है। 25 प्रतिशत से अधिक बच्चे गंभीर एनिमिक की श्रेणी में आते हैं।

वर्जन-



उप सिविल सर्जन डाॅ. शशि गर्ग ने बताया कि एनीमिया पर अध्ययन शुरू किया गया है। इसके लिए शहरी व ग्रामीण क्षेत्र से 180 रोगियों के सैंपल लिए गए है। विभिन्न बिंदुओं पर यह अध्ययन होगा। एनीमिया मुक्त अभियान के दौरान अधिक से अधिक बच्चों, किशोर, किशोरियों, महिलाओं तक पहुंचने का प्रयास किया गया है। अभियान के दौरान झुग्गियों, फैक्ट्रियों व ईंट भट्ठों पर रहने वालों पर स्वास्थ्य विभाग का फोकस रहा। सामान्य, मध्यम व गंभीर एनीमिया के रोगियों के वर्ग बनाए गए हैं। पानीपत में एनीमिया बड़ी चुनौती है। हर महीने हाेने वाली गर्भवतियाें की जांच में भी 60 फीसदी गर्भवतियों में खून की कमी मिलती है। अध्ययन में एनीमिया के कारण स्पष्ट होंगे।
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