पानीपत। प्रदेश सहित जिले के सभी राजकीय व निजी विद्यालयों में इतिहास ओलंपियाड परीक्षा का आयोजन किया जाएगा। आगामी सप्ताह 15 फरवरी को आयोजित होने वाली परीक्षा के आयोजन को लेकर जिला शिक्षा विभाग ने तैयारी शुरू कर दी है। प्रतियोगिता का उद्देश्य छात्रों में भारतीय इतिहास के प्रति रुचि पैदा करना और एक स्वस्थ प्रतियोगी दृष्टिकोण पैदा करना है। यह परीक्षा सरकारी और निजी विद्यालयों के छठी से आठवीं कक्षा के विद्यार्थियों के लिए आयोजित होगी। परीक्षा कक्षावार तीन स्तर (स्कूल स्तर, संकूल स्तर एवं खंड स्तर) पर आयोजित की जाएगी।
स्कूल एवं संकुल स्तर पर आयोजित परीक्षा में 50 बहुविकल्पिय प्रश्न पूछे जाएंगे। इसके लिए 45 मिनट का समय मिलेगा। इतिहास ओलंपियाड के सफल आयोजन को लेकर राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद ने प्रदेश के सभी संबंधित शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं। इतिहास ओलंपियाड एससीईआरटी एवं एसआईएएसटीई हरियाणा द्वारा आयोजित करवाई जा रही है।
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इतिहास ओलंपियाड का उद्देश्य
- परीक्षा की तैयारी करवाना।
- सभी छात्रों में भारतीय इतिहास के प्रति रुचि उत्पन्न करना।
- सभी छात्रों में एक स्वस्थ प्रतियोगी दृष्टिकोण पैदा करना।
- इतिहास ओलंपियाड कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित करना तथा उनका उत्साहवर्धन करना।
परीक्षा में सभी विद्यार्थियों का भाग लेना अनिवार्य
निर्देशानुसार इस परीक्षा का आयोजन प्रदेश के सभी सरकारी एवं गैर सरकारी विद्यालय में किया जाएगा। इस परीक्षा में कक्षा छठी से नौवीं के सभी छात्रों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। स्कूल स्तर पर परीक्षा का आंकलन संबंधित अध्यापकों द्वारा किया जाएगा तथा इसका परिणाम 18 फरवरी तक खंड स्तर पर भेजा जाएगा। स्कूल तथा संकूल स्तर पर सभी प्रथम, द्वित्तीय तथा तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। संकूल स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थी खंड स्तर पर आयोजित होने वाली प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता में भाग लेंगे। खंड स्तर पर प्रथम तीन विजेताओं को नकद पुरस्कार राशि दी जाएगी।
वर्जन-
कक्षा छठी से नौंवी तक के विद्यार्थियों हेतु इतिहास ओलंपियाड का आयोजन 15 फरवरी को किया जा रहा है। इसका उद्देश्य छात्रों में भारतीय इतिहास के प्रति रुचि पैदा करना और एक स्वस्थ प्रतियोगी दृष्टिकोण पैदा करना है। कार्यक्रम के आयोजन की तैयारियां की जा रही हैं।
- राकेश बूरा, जिला शिक्षा अधिकारी, पानीपत।