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Panipat News: विद्यार्थी पढ़ाई के साथ कौशल विकास में बनेंगे आत्मनिर्भर

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पानीपत। इस बार कॉलेजों में तीनों कक्षाओं में राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 (एनईपी ) के तहत पढ़ाई होगी। जिससे विद्यार्थी पढ़ाई के साथ कौशल विकास में भी दक्ष बनेंगे। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय की ओर से ऐसे करीब 25 पाठ्यक्रम तैयार किए गए हैं। कॉलेजों में 12 से 15 पाठ्यक्रम चल रहे हैं। युवा इन पाठ्यक्रमों को करने के बाद पढ़ाई के साथ स्वरोजगार शुरू कर आत्मनिर्भर बन सकते हैं। इस बार ऑनलाइन पंजीकरण में भी युवा कौशल विकास के विषयों को अपनी पसंद अनुसार चुन रहे हैं।
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कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय ने स्नातक कक्षाओं में सबसे पहले राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2023-2024 के सत्र में लागू की थी। इस बार तीसरे वर्ष में दाखिले की प्रक्रिया चल रही है। कॉलेजों में पुरानी शिक्षा नीति का अंतिम बैच पास आउट हो जाएगा। इनकी अब परीक्षा चल रही है। अब कॉलेजों में एनईपी आधारित पाठ्यक्रम रह जाएंगे। एनईपी नीति 2023-2024 के सत्र से शुरू की गई थी। इस बार इसमें कौशल के कुछ नए पाठ्यक्रम भी जोड़े जाएंगे। जो विद्यार्थियों के लिए स्वरोजगार के अवसर प्रदान करेंगे। इसका उद्देश्य शिक्षा को अधिक व्यावहारिक और कौशल आधारित बनाना है। शिक्षा को अधिक समावेशी, छात्र-केंद्रित और कौशल विकास पर आधारित बनाना है। यह नीति शिक्षा के सभी स्तरों को प्रभावित करती है। एनईपी में रटने की प्रणाली को खत्म करना, आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को बढ़ावा देना है। नीति से उच्च शिक्षा को अधिक लचीला और बहु-विषयक बनाना है। यह अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के साथ शिक्षा और उद्योग के बीच मजबूत संबंध स्थापित करने हैं।
युवा बोले जोड़ रहे संसाधन
कौशल विकास के पाठ्यक्रम का चयन कर कॉलेज के युवा खुद को सशक्त बना रहे हैं। कई छात्राओं ने ब्यूटीशियन और बेकरी का पाठ्यक्रम करने के बाद अपना काम शुरू कर दिया है। आरती ने बताया कि वह बीए द्वितीय वर्ष में पढ़ती है। उन्होंने प्रथम वर्ष में सामान्य विषय के साथ कौशल विकास में ब्यूटीशियन का कोर्स शुरू किया था। उनको शुरुआत में अटपटा लगा लेकिन बाद में अच्छा लगा। उन्होंने पढ़ाई के दौरान शादियों के सीजन में काफी काम किया। उसने कॉलेज की फीस ब्यूटीशियन का काम कर जमा कराई है। दीपक ने बताया कि परिवार की आर्थिक स्थिति इतनी बेहतर नहीं थी। उन्होंने कॉलेज में बेकरी का काम सीखा। वह अब अपना काम भी कर रहा है। हर महीने अच्छी कमाई भी कर रहा है।
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कोट्स फोटो
एसडी पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनुपम अरोड़ा ने बताया कि कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी द्वारा कॉलेज में स्नातक के विद्यार्थियों को दो साल में शिक्षा के साथ कौशल के लगभग 11 कोर्स का भी अध्ययन कराया जा रहा है। इनमें बिजनेस अकाउंट, कम्युनिकेशन स्किल, टैली, डिजिटल कम्युनिकेशन, योग के प्रमुख कोर्स हैं। इस बार कई नए कोर्स स्नातक की शिक्षा के साथ विद्यार्थियों को कराए जाएंगे। इन कोर्स से विद्यार्थियों को पढ़ाई के साथ ही स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं।
कोट्स
आर्य पीजी कॉलेज के प्राचार्य डॉ. जगदीश गुप्ता ने बताया कि कॉलेज में कौशल विकास के करीब 15 कोर्स कराए जा रहे हैं। विद्यार्थी कोर्स कर स्वरोजगार कर रहे हैं। कई युवा इन सालों में अच्छी आय जोड़ चुके हैं। कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय का प्रयास सराहनीय है। इससे युवाओं को मजबूती मिल रही है।
कोट्स
आईबी पीजी कॉलेज की प्राचार्या डॉ. शशि प्रभा मलिक ने बताया कि कॉलेज में कौशल विकास के कोर्स सामान्य विषयों के साथ कराए जा रहे हैं। इस बार कॉलेज की स्नातक के तीनों वर्षों में एनईपी के अंतर्गत पढ़ाई होगी। विद्यार्थियों को कॉलेज में बेहतर माहौल दिया जा रहा है।
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