पानीपत। प्रदेश के सभी सरकारी और गैर सरकारी महाविद्यालयों में नए सत्र से नई शिक्षा नीति लागू करने के लिए उच्चतर शिक्षा विभाग ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। जल्द ही इसे लागू कर दिया जाएगा। नई शिक्षा नीति में विद्यार्थियों को कोर्स में अपना मनपसंद विषय चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी। इसके अलावा अब विद्यार्थी अपनी डिग्री को ऑनलाइन व ऑफलाइन दोनों मोड में 40 और 60 फीसदी के अनुसार पूरी कर सकेंगे।
इसके अलावा किसी भी कोर्स में दाखिला लेने के बाद किसी कारणवश उसे छोड़ने के बाद फिर से कोर्स पूरा करने के लिए दाखिला ले सकते हैं। पानीपत जिले में प्रमुख रूप से करीब 18 कॉलेज हैं। कुरुक्षेत्र और जींद विश्वविद्यालय के महाविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू हो चुकी है। वहीं, गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय से संबद्ध महाविद्यालयों में अभी नई शिक्षा नीति लागू नहीं की गई है।
कैटेगरी अनुसार बांटे जाएंगे महाविद्यालय
नई शिक्षा नीति के तहत प्रदेश के सभी महाविद्यालयों को कैटेगरी के अनुसार बांटा जाएगा। इसके लिए रेशनेलाइजेशन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इस संबंध में उच्चतर शिक्षा विभाग ने कमेटी का गठन कर दिया है, जो मंथन के बाद अपनी रिपोर्ट देगी। इसके बाद विद्यार्थियों को लाभ होगा। इससे जहां एक ओर ढांचागत संसाधन बढ़ेंगे। दूसरी और अकादमिक व्यवस्थाओं में भी सुधार हो सकेगा। 1000 से कम विद्यार्थियों वाले महाविद्यालयों को ए-कैटेगरी में रखा जाएगा।
नई शिक्षा नीति की खासियत
- ई-लर्निंग सिस्टम पर जोर दिया जा रहा है।
- कॉलेजों में च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम तैयार किए जाने का प्रस्ताव है।
- पारंपरिक विषयों के अलावा नए विषय भी पढ़ाएं जाएं ताकि विद्यार्थियों के लिए रास्ते खुलें।
ये हैं एडेड कोर्स
विद्यार्थियों को स्किल वृद्धि करने के लिए वैल्यू एडेड कोर्स भी अपनी रुचि और करिअर के आधार पर लेने होंगे। ये कोर्स ग्रेजुएशन के दौरान ही अब विद्यार्थियों को अपने कोर्स करिकुलम के अनुसार डिजिटल मार्केटिंग, योग, ऑर्गेनिक फार्मिंग, बागवानी, फूड प्रोसेसिंग, केटरिंग, फोटोग्राफी, वेब डिजाइनिंग, अनुवाद कला, संगीत गायन, वादन, कंप्यूटर हार्डवेयर, क्रिएटिव लेखन, जीएसटी रिटनर्स फिलिंग, वाटर मैनेजमेंट, इवेंट मैनेजमेंट, विज्ञापन दक्षता, हरियाणवी कला, संस्कृत मंत्रोचारण, रंगोली, मेहंदी, फर्स्टएड, एनएसएस, एनसीसी, डिजास्टर मैनेजमेंट जैसे वैल्यू एडेड कोर्स भी करने होंगे। इनमें वहीं स्किल कोर्स लिए जा सकेंगे। जो महाविद्यालय उपलब्ध कराएगा और उसकी विश्वविद्यालय से अनुमति लेकर अलग से सर्टिफिकेट दिया जाएगा।
वर्जन-
नई शिक्षा नीति और रेशनेलाइजेशन के बाद उम्मीद है कि विद्यार्थियों को इसका लाभ होगा। विद्यार्थियों के पास अतिरिक्त विषयों को चुनने को स्वतंत्रता होगी। किसी भी संकाय का विद्यार्थी कोई भी विषय पढ़ सकता है। अपनी पसंद के विषय और रुचि के अनुसार स्किल डेवलपमेंट कोर्स मिलने से महाविद्यालयों में दी जा रही शिक्षा अब ज्यादा लाभदायक होगी। फील्ड वर्क से विषय विशेष में दक्षता आएगी। आर्य कॉलेज सहित जिले के अधिकतर कॉलेज कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं। यहां नई शिक्षा नीति लागू करवाई जा चुकी है और उसी के अनुसार पढ़ाई करवाई जा रही है।
- डॉ. जगदीश गुप्ता, प्राचार्य, आर्य पीजी महाविद्यालय, पानीपत।