माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। देवी मंदिर रोड पर भावना चौक से बरसत रोड की ओर जाने वाले मार्ग पर खुले नाले के पास करीब आठ फीट गहरे गड्ढे में स्कूल से लौट रहा छात्र गिर गया। वीरवार को हुए हादसे में छात्र के पिता और एक स्थानीय व्यक्ति ने उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
आठ महीने से अधूरे पड़े निर्माण कार्य के दौरान यह तीसरा हादसा है। घटना के बाद नगर निगम आयुक्त डॉ. पंकज ने जेई परमिंदर को निलंबित कर दिया। अतिरिक्त निगम आयुक्त विवेक की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय जांच कमेटी गठित की गई है, जिसे एक सप्ताह में रिपोर्ट सौंपनी होगी।
देवी मंदिर रोड निवासी गोविंद ने बताया कि उनका बेटा रितेश वीरवार दोपहर करीब डेढ़ बजे स्कूल से लौट रहा था। नाली पार करते समय संतुलन बिगड़ने से वह गड्ढे में गिर गया। उन्होंने गली में मौजूद एक व्यक्ति की मदद से बेटे को बाहर निकाला। इस घटना पर लोगों ने रोष जताया है।
विरोध को बताया बाधा
निगम के अनुसार, डेयरियों से निकलने वाले गोबर और कचरे से नाले अवरुद्ध होते हैं। पानी निकासी के लिए सुरक्षा जाली अस्थायी रूप से हटाई गई थी। निगम का दावा है कि सीवरेज लाइन और सड़क निर्माण का काम शुरू कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, लेकिन स्थानीय निवासी और डेयरी संचालक सड़क के साथ नई पानी की लाइन बिछाने की मांग कर रहे हैं। यह काम स्वीकृत टेंडर में शामिल नहीं है।
घटनास्थल पर सुरक्षा प्रबंधों की कमी मिली और आवश्यक स्लैब नहीं लगाए गए थे। जेई परमिंदर को निलंबित कर दिया है। अतिरिक्त निगम आयुक्त विवेक की अध्यक्षता वाली कमेटी में एक्सईएन नवीन और एसडीओ वीरेंद्र मलिक शामिल हैं। कमेटी एक सप्ताह में रिपोर्ट देगी। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। -डॉ. पंकज, आयुक्त, नगर निगम
पहले भी हो चुके हैं दो हादसे
स्थानीय निवासी दीपक, हरीश और नरेंद्र ने बताया कि 23 अगस्त को इसी मार्ग पर एक महिला गड्ढे में गिर गई थी। इससे पहले एक व्यक्ति दो बच्चों और मोटरसाइकिल समेत गड्ढे में गिर चुका है। लोगों ने आरोप लगाया कि निगम ने सड़क और नाले का निर्माण अधूरा छोड़कर दूसरी तरफ खुदाई शुरू कर दी। नाले सात से आठ फीट गहरे हैं, लेकिन सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं।
पहले भी जेई निलंबित
महिला के गड्ढे में गिरने के मामले में निगम आयुक्त ने पांच सितंबर को जेई जतिन को निलंबित किया था। एसडीओ योगेश तोमर और एक्सईएन सुमित के खिलाफ चार्जशीट की अनुशंसा की गई थी। एजेंसी पर 10 लाख का जुर्माना लगाने और उसे ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू की गई थी। इसके बावजूद निर्माण कार्य पूरा नहीं हुआ।
सड़क पर गड्ढे में गिरते बच्चा। स्रोत : सोशल मीडिया- फोटो : samvad
सड़क पर गड्ढे में गिरते बच्चा। स्रोत : सोशल मीडिया- फोटो : samvad