माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। दीपावली के एक सप्ताह बाद हवा की सेहत में मामूली सुधार हुआ है। रविवार को जिले में एयर क्वालिटी इंडेक्स एक्यूआई 274 तक दर्ज किया गया। यह शनिवार को दर्ज किए गए 305 से कुछ कम रहा। इसके बावजूद भी जिले में अभी राहत मिलने की उम्मीद नहीं है। प्रदूषण को रोकने के लिए जिले में लागू की गई ग्रैप-2 की पाबंदियों का अभी सख्ती से पालन नहीं किया जा रहा है। वहीं, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर में लगाई जा रही आग पर भी नगर निगम द्वारा कोई अंकुश नहीं लगाया जा सका है।
रविवार को भी दिनभर आसमान में धुंए के बादल छाए रहे। सुबह को मौसम में धुएं की हल्की चादर सी नजर आई। जिससे लोगों को सांस लेने में दिक्कत हुई और आंखों में जलन की शिकायत रही। औद्योगिक क्षेत्रों में सबसे अधिक समस्याएं रहीं। रविवार को जिले का एक्यूआई 274 दर्ज दिया गया। हालांकि, एक बार दिन में कुछ कम हुआ था। लेकिन, शाम को एक बार फिर हवा की गुणवत्ता बिगड़ गई। एक्यूआई बढ़ने पर दिल्ली एनसीआर में ग्रैप-2 की पाबंदियों को लागू किया गया था। लेकिन, पानीपत में इनका कोई असर फिलहाल नजर नहीं आया। निर्माण कार्य पर कोई रोक नहीं है। फैक्टरियों की चिमनियों से लगातार धुंआ निकल रहा है। वहीं, शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर में लगने वाली आग पर भी नगर निगम द्वारा अभी तक सख्ती से पाबंदी नहीं लगाई जा सकी है।
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पांच साल में सबसे खराब है हवा की स्थिति
औद्योगिक नगर पानीपत में पिछले पांच साल में हवा की गुणवत्ता सबसे खराब स्थिति में है। 25 अक्तूबर के दिन 2024 में जिले में एक्यूआई 151, 2023 में 146, 2022 में 141 और 2021 में सबसे कम 121 दर्ज किया गया था।
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गंभीर स्थिति में प्रदूषण
जिले में एक्यूआई गंभीर स्थिति में है। एयर क्वालिटी इंडेक्स में शून्य से 50 तक की स्थिति अच्छी मानी जाती है। 50 से 100 तक मध्यम, 100 से 150 तक खराब, 150 से 200 तक अस्वस्थ, 200 से 250 तक गंभीर और इससे अधिक को खतरे की श्रेणी में माना जाता है।
रविवार को एक्यूआई में कुछ कमी नजर आई। ग्रैप-2 की पाबंदियों का सख्ती से पालन कराया जा रहा है। धीरे-धीरे हवा की स्थिति में सुधार होगा।
-कुलदीप, एसडीओ हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड।