पानीपत। डाबर कॉलोनी से एक मनी ट्रांसफर संचालक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। पिता ने उसके तीन दोस्तों पर हत्या कर शव छिपाने का आरोप लगाया है। पिता ने आरोप लगाते हुए सेक्टर 13-17 थाना पुलिस को शिकायत दी है, जिस शिकायत पर पुलिस ने आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है।
शामली के दरगाह पुर गांव निवासी सुभाष चंद्र सरोहा ने बताया कि उसका बेटा मयंक सरोहा उर्फ तरुण पानीपत में डाबर कॉलोनी में चौधरी टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग, मनी ट्रांसफर आदि का काम करता था। वह पानीपत में ही किराए पर कमरा लेकर रहता था, दूसरे-तीसरे दिन गांव में आता था,16 अक्टूबर को संजीव कुमार, अमित निवासी महादेव कॉलोनी और जॉनी उसके बेटे को कमरे से बुलाकर अपने साथ बाइक पर बैठा कर ले गए। आरोप है कि तीनों लोगों ने एक राय होकर उसके बेटे की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया है। पुलिस ने शिकायत को लेकर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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दोस्तों ने कहा नहर में नहाते समय गिर गया-
पिता सुभाष ने बताया कि उनके पास देर रात करीब डेढ़ बजे सेक्टर 13-17 थाने से फोन आया था और उन्हें थाने बुलाया। वह सूचना पाकर थाने पहुंचे, जहां पर पता चला कि बेटे के दो दोस्तों ने आकर थाने में कहा है कि नहर में नहाते समय मयंक बह गया। जबकि वह सोमवार को नहर किनारे गए, लेकिन कोई सुराग लगा। उनकी मांग है कि पुलिस बेटे की तलाश करे।
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नौ माह की एक बेटी, दो बहनों का इकलौता भाई है मयंक
सुभाष ने बताया कि उसके तीन बच्चे है, जिनमें दो बेटी है और सबसे छोटा बेटा मयंक है। मयंक शादीशुदा था। उसकी एक नौ माह की बेटी है। उनकी बेटे से फोन पर बात हुई थी, जिसने कहा था कि वह अहोई अष्टमी के व्रत पर जरूर घर आएगा, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं है।