पानीपत। इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लिमिटेड की पानीपत रिफाइनरी पर ग्रामीणों ने विषैली गैस छोड़ने का आरोप लगाया हैं। रिफाइनरी के आसपास बसे आठ गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि रिफाइनरी से निकली विषैली गैस से 1600 एकड़ में खड़ी फसल खराब हो गई। इससे गुस्साए ग्रामीणों ने वीरवार को रिफाइनरी के गेट पर खिलाफ प्रदर्शन किया। ग्रामीणों ने उपायुक्त कार्यालय में शिकायत दी है। प्रशासन ने मामले की जांच के लिए ग्रामीणों से दो दिन का वक्त मांगा है। कृषि विभाग की टीम ने वीरवार को रिफाइनरी के आसपास के क्षेत्र का निरीक्षण किया है। वहीं दूसरी ओर रिफाइनरी प्रबंधन ने इन आरोपों को निराधार बताया है।
गांव सिंहपुरा, सिथाना, रजापुर, ददलाना, कुताना, बोहली व रेरकलां के किसान बग्गा, जश्नदीप, शेर सिंह आदि ने बताया कि 13 जनवरी की सुबह करीब साढ़े 11 बजे रिफाइनरी ने विषैली गैस छोड़ी थी। गैस फैलने पर दम घुटने लगा। काफी देर बाद हालत सामान्य हुए तो देखा कि बरसीन की फसल जल गई है और गेहूं की फसल खराब हो गई है। इस पर ग्रामीण एकजुट हुए और मंगलवार को प्रदर्शन शुरू किया। प्रदर्शन में किसान नेता भी शामिल हुए। इसी दिन पहले ग्रामीण एकजुट होकर उपायुक्त कार्यालय पहुंचे। उनके नहीं मिलने पर कार्यालय में अपनी समस्या संबंधित शिकायत पत्र सौंप आए। इसके बाद रिफाइनरी के प्रवेश द्वार के बाहर प्रदर्शन किया और नष्ट हुए फसल के लिए मुआवजे की मांग की है।
किसान नेता जगदीप सिंह औलक ने आरोप लगाया है कि रिफाइनरी से निकलने वाली गैस की वजह से सैकड़ों एकड़ में लगी गेहूं की फसल सूख गई। दूसरी ओर किसानों के प्रदर्शन के बाद रिफाइनरी प्रबंधन ने किसानों के एक प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की। प्रभावित क्षेत्रों का मुआयना शुरू किया गया। पूरी जांच के लिए किसानों से दो दिन की मोहलत मांगी है।
सभी आरोप निराधार
रिफाइनरी से कभी जहरीली एवं विषैली गैस नहीं निकलती है। आरोप निराधार हैं, ऐसा कुछ भी नहीं हुआ है। -महुआ बासु, मुख्य महाप्रबंधक (मासंसा), रिफाइनरी
पानीपत। रिफाइनरी के बाहर प्रदर्शन कर रोष जताते हुए ग्रामीण।- फोटो : Panipat