पानीपत। नगर निगम के अंतर्गत 70 प्रतिशत से अधिक आबाद 21 कॉलोनियां आज भी अवैध हैं। इसी वजह से यहां रहने वाले बाशिंदों को बुनियादी सुविधाएं तक मयस्सर नहीं हो पा रहीं हैं। यहां विकास और मूलभूत सुविधाओं के लिए जनप्रतिनिधियों को भी संघर्ष करना पड़ रहा है। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों की प्रॉपर्टी आईडी से लेकर एनडीसी तक मंजूर नहीं की जाती। जबकि इन कॉलोनियों में नगर निगम द्वारा प्रॉपर्टी टैक्स वसूला जा रहा है। नगर निगम के पास इन कॉलोनियों की जमीन के खसरे नंबर तक हैं मगर नक्शा न होने की वजह से आज भी ये कॉलोनियां अवैध सूची में हैं।
इसके अलावा निगम की शहरी और ग्रामीण विधानसभा के अंतर्गत पुराने सर्वे के दौरान 28 बस्तियां चिह्नित की गईं थी। जिनमें सुविधाओं के लिए निगम को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार करनी थी। नए सर्वे में इन बस्तियाें की संख्या 52 हो गई है। एक बार फिर से इनकी डीपीआर तैयार करने का प्रस्ताव भी निगम सदन की बैठक में पास हो चुका है। लेकिन इसके बावजूद इस पर कार्यवाही आगे नहीं बढ़ पाई है।
आठ माह पहले उठाया था मुद्दा, निगम ने दिया था 15 दिन का समय
30 मार्च 2021 को लघु सचिवालय में सदन की उपस्थिति में नगर निगम का बजट पास करते समय वार्ड नंबर 21 के पार्षद संजीव दहिया ने इस मुद्दे को जोर शोर से उठाया था। उन्होंने बताया कि सर्वे में केवल 79 कॉलोनियों को पास किया गया है। जबकि सर्वे में गलती की वजह से शहर में अभी भी करीब 21 कॉलोनियां ऐसी हैं, जो आज भी अनाधिकृत क्षेत्र में आती हैं, जबकि यहां आबादी 70 प्रतिशत तक बस चुकी है। उन्होंने इन कॉलोनियों को सरकार से नियमित करवाने के लिए निगम से इनका सर्वे करवाने की मांग की थी। जिसके लिए निगम को 15 दिन का समय भी दिया गया था। लेकिन आठ माह बीत जाने के बाद इनके लिए कोई कार्यवाही नहीं हुई।
दूसरी तरफ शहर के 17 वार्डों में 52 बस्तियों के बनने का मामला सामने आया था। जिनकी निगम को डीपीआर तैयार करने के लिए कहा गया था। निगम अधिकारियों ने जवाब दिया था कि निगम इनकी डीपीआर तैयार कर रहा है। इसका एक ड्राफ्ट सरकार को भी भेजा गया है लेकिन अब तक इस ड्राफ्ट और डीपीआर का भी अब कोई अता-पता नहीं है।
पचास प्रतिशत से ज्यादा आबादी को किया जा सकता है नियमित- दहिया
पार्षद संजीव दहिया ने बताया कि नियमानुसार अगर कोई कॉलोनी निगम के अवैध क्षेत्र में है और इसकी आबादी 50 प्रतिशत से ज्यादा है तो निगम इसका सर्वे कर इसकी रिपोर्ट सरकार को नियमित करने के लिए भेज सकता है। जिस पर कॉलोनी को नियमित करवाकर यहां के लोगों को निगम द्वारा दी जानी वाली सुविधाएं दी जा सकती हैं। उन्होंने बताया कि असंध रोड और जाटल रोड के बीच के एरिया में भी कई कॉलोनियां ऐसी ही हैं, जो 70 प्रतिशत तक बस चुकीं हैं। लेकिन अभी इनकी ओर कोई ध्यान नहीं है।
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वर्जन-
इन क्षेत्रों का सर्वे करवाया जाएगा
कॉलोनियों और बस्तियों की पूरी रिपोर्ट ली जाएगी। निगम आयुक्त से विचार विमर्श करने के बाद इनका सर्वे करवाया जाएगा और डीपीआर फाइनल करवाई जाएगी। निगम के दायरे में आने वाले लोगों को निगम की सुविधाएं दिलवाई जाएंगी।
- रमेश कुमार, एसई, नगर निगम, पानीपत।