फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सेक्टर 18 की फैक्टरियों के खिलाफ क्षेत्र के लोगों ने एनजीटी को दी याचिका

विज्ञापन
विज्ञापन
जब प्रशासन ने सेक्टर 18 के लोगों को वहां चल रही रेड जॉन की फैक्टरियों के बारे में कोई सूचना नहीं दी और फैक्टरियों से हो रही परेशानियों का निदान नहीं किया तो सेक्टर 18 के लोगों ने एनजीटी में याचिका दी। एनजीटी ने उनकी अपील स्वीकार कर केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, केंद्रीय भूजल प्राधिकरण, हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व शहर की डीसी सुमेधा कटारिया को निर्देश दिए कि वो एक माह में फैक्टरियों की वास्तविक स्थिति को स्पष्ट करें। अगर वो फैक्टरियां नियमों के खिलाफ चल रही है तो उन पर कार्रवाई करें।
विज्ञापन

एनजीटी लगातार पानीपत में फैक्टरियों पर कार्रवाई कर रहा है। पिछले दो साल में 140 से अधिक फैक्टरियों को बंद करने निर्देश जारी किए जा चुके है। इसके अलावा 200 से अधिक फैक्टरियों को नियमों के खिलाफ चलने पर नोटिस भी जारी हुआ है। वहीं पर्यावरण के बचाव के लिए एनजीटी ने रेड व औरेंज कैटेगरी में आने वाले पानीपत के 300 से अधिक उद्योगों पर 88 करोड़ रुपये जुर्माना भी लगाया है। वहीं सेक्टर 18 के लोग रिहायशी एरिया में रेड कैटेगरी की चल रही 9 फैक्टरियों से परेशान है। ये फैक्टरियां नियमों के खिलाफ चल रही है। लोगों का कहना है कि फैक्टरियों से प्रदूषित पानी को सीधा ड्रेन में छोड़ा जा रहा है। इससे यमुना भी प्रदूषित हो रही है। अब एनजीटी ने केंद्र व राज्य प्रदूषण की टीमों को आदेश दिए हैं कि वो एक माह में फैक्टरियों की वास्तविक स्थिति की रिपोर्ट सौंपे। अगर वो फैक्टरियां पर्यावरण के लिए खतरनाक है तो उन पर कार्रवाई करें।
वो प्रशासन से सेक्टर 18 में चल रही फैक्टरियों के बारे में जानकारी मांगते रहे, लेकिन किसी ने उनको जानकारी नहीं दी। वो काफी समय से इसके लिए धक्के खा रहे हैं। उनको जानना है कि रिहायशी एरिया में किसी प्रकार रेड कैटेगरी की फैक्टरियां चल रही है। ये पर्यावरण के लिए काफी खतरनाक है। आरटीआई से भी इन फैक्टरियों की जानकारी नहीं मिली। अब एनजीटी का उन्होंने दरवाजा खटखटाया है। एनजीटी ने एक माह में रिपोर्ट तलब की है। उनको अब उम्मीद जगी है।
विज्ञापन

गुरदीप सिंह, प्रधान, सेक्टर 18 वेलफेयर सोसाइटी
एनजीटी के निर्देश मान्य है। सेक्टर 18 की फैक्टरियों की जांच कराएंगे। रिपोर्ट एनजीटी को सौंपी जाएगी। जांच में जो सामने आएगा। उसी आधार पर कार्रवाई होगी।
विज्ञापन

सुमेधा कटारिया, डीसी पानीपत।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें