फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नकल कराने को 7-10 लाख रुपये में डील कराता था स्कूल मालिक

विज्ञापन
विज्ञापन
प्रदेश भर में ग्राम सचिव की परीक्षा पर सवाल खड़ा हो गया है। पहले हिसार और अब पानीपत में परीक्षा केंद्र में ही प्रश्नपत्र को लीक कराकर हल कराए जाने और फिर परीक्षार्थियों तक पहुंचाने की वारदात ने नकल रहित परीक्षा के दावों को पोल खोल दी है। पानीपत के पैराडाइज स्कूल में प्रश्नपत्र लीक कर सॉल्व करने के बाद परीक्षार्थियों तक आंसर-की पहुंचाने की प्लानिंग को दो माह पहले ही अमली जामा पहनाना शुरू कर दिया गया था।
विज्ञापन

पैराडाइज स्कूल में परीक्षा का सेंटर आते ही स्कूल के मालिक जगदीश और उनके बेटे अनुज ने पेपर सॉल्वर्स की तलाश शुरू कर दी थी। इसके बाद उन्होंने परीक्षा में पास कराने के लिए लोगों से संपर्क करना शुरू कर दिया। परीक्षार्थियों तक हल की गई आंसर-की पहुंचाने के लिए 7-10 लाख रुपये का रेट तय कर किया गया। 10 लाख रुपये से बात शुरू की जाती थी, लेकिन सात लाख से नीचे रकम नहीं जाती थी। परीक्षार्थियों से परीक्षा से पहले 20 से 30 प्रतिशत तक राशि एडवांस भी ली गई थी।
पैराडाइज स्कूल के मालिक जगदीश ने अटेल निवासी देवेंद्र और किशनपुरा निवासी वैभव को दो महीने पहले ही चपरासी की नौकरी पर रखा था। इनको गिरोह में शामिल कर लिया गया। परीक्षा से पहले इनके एमटीएस ( मल्टी टास्किंग स्टाफ ) कार्ड बनाए गए। ये कार्ड परीक्षा केंद्र के परीक्षा कक्ष में बेरोकटोक जाने का परमिट था। ये लोग केंद्र के अंदर चाय और पानी लेकर गए। कई बार कागजात इधर से उधर देने के लिए भी जाते रहे। इसी दौरान इन्होंने ग्राम सचिव परीक्षा के प्रश्नपत्र का फोटो अपने मोबाइल से खींच लिया। मोबाइल लेकर बाहर आए और उन्हें पेपर सॉल्वर्स तक पहुंचा दिया। आंसर-की की फोटोकॉपी में उत्तर लेकर केंद्र के अंदर जाकर परीक्षार्थी तक पहुंचा दी गई। एमटीएस कार्ड की वजह से इन्हें कोई रोक नहीं सका।
विज्ञापन

एमएससी पास युवकों को बुलाया गया था प्रश्नपत्र हल करने के लिए
ग्राम सचिव परीक्षा का पेपर साल्व करने के लिए एमएससी पास युवाओं को बुलाया गया था। पेपर सॉल्वर बुलाते समय उनकी शिक्षा का खास ख्याल रखा गया, जिससे ग्राम सचिव परीक्षा के प्रश्नों को जल्द सॉल्व कर आंसर-की को परीक्षार्थी के पास पहुंचाया जा सके। पैराडाइज स्कूल में पकड़ा गया पेपर सॉल्वर राहुल के पास एमएससी की डिग्री है। उसके पास एमएससी का एडमिट कार्ड भी मिला। पुलिस ने राहुल को हथवाला रोड से गिरफ्तार किया। उससे पुलिस ने हिरासत में लिया तो पेपर सॉल्व कर परीक्षार्थियों तक पहुंचाने के तार रोहतक और करनाल तक जुड़ें। वह सोनीपत के गांव गढ़ी केसरी का है और स्कूल के मालिक जगदीप और उसके बेटे अनुज ने पेपर सॉल्व करने के लिए बुलाया गया है।
- पैराडाइज स्कूल में आंसर-की परीक्षार्थी तक पहुंचने से पहले पकड़ा गया राजेश
पेपर सॉल्वर राहुल प्रश्नों के उत्तर फोटोकॉपी की गई आंसर-की में भर चुका था और इस आंसर-की को परीक्षा कक्ष में परीक्षार्थी तक पहुंचाने की जिम्मेदारी सिवाह के रहने वाले राजेश की थी। इससे पहले की वह आंसर-की लेकर परीक्षा कक्षा में पहुंचता, पहले ही पकड़ा गया।
इनकी हुई गिरफ्तारी
राहुल पुत्र रामबीर निवासी गांव गढ़ी केसरी सोनीपत, जगदीप पुत्र रामसिंह निवासी गांव गढ़ीकेबल पानीपत, अनुज पुत्र जगदीप निवासी गांव गढ़ी केबल पानीपत, राजेश पुत्र सत्यवान निवासी सिवाह पानीपत, वैभव पुत्र महेश निवासी किशनपुरा पानीपत, पुष्पेंद्र पुत्र जगबीर निवासी रोहतक, अनुज पुत्र खजान सिंह निवासी रोहतक, सजीत पुत्र सुरेश निवासी रोहतक, अमन पुत्र धर्मपाल निवासी रोहतक, विश्वजीत पुत्र जगबीर निवासी रोहतक, सुनील पुत्र साहब सिंह निवासी रोहतक, अंकित पुत्र बिजेंद्र निवासी रोहतक, दीपक पुत्र भगवान सिंह निवासी रोहतक, देवेंद्र पुत्र कुंवरभान निवासी सोनीपत।
- पानीपत में 63 परीक्षा केंद्रों पर थी परीक्षा
जिले में ग्राम सचिव की परीक्षा के लिए 63 केंद्र बनाए गए थे। इनमें से 15 केंद्र समालखा में थे। शनिवार और रविवार को दो-दो शिफ्टों में हुई परीक्षा में 12290-12290 परीक्षार्थी यानि कुल करीब 25 हजार परीक्षार्थी पंजीकृत थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें