पुलिस ने ग्राम सचिव की परीक्षा लीक करने के मामले में स्कूल मालिक और बेटे समेत 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। साथ ही उनके पास से मोबाइल, लैपटाप, कारें और ब्लूटूथ बरामद किया गया है। पुलिस के अनुसार पैराडाइज स्कूल के मालिक और बेटे ने परीक्षा में दो चतुर्थश्रेणी कर्मियों का एमटीएस कार्ड बनवाया था, जिससे वह परीक्षा में बेरोकटोक अंदर और बाहर जा सके। इन्हीं चतुर्थ श्रेणी कर्मियों के माध्यम से पेपर को लीक कराया गया, जहां से प्रश्नपत्र की फोटो लेकर बाहर बैठे गिरोह के पेपर सॉल्वर के पास लाते थे। इसके प्रश्न हल कराकर वापस परीक्षार्थियों तक आंसर-की पहुंचाते थे। गिरोह को पकड़ने के लिए डीजीपी की ओर से पहले ही आदेश दिये गये थे। साइबर सेल भी इस गिरोह को पकड़ने का प्रयास कर रही थी।
मामले का खुलासा करते हुए एसपी शशांक कुमार सावन ने बताया कि पेपर सॉल्वर सोनीपत के गांव गढ़ी केसरी निवासी राहुल को काबू कर पूछताछ की तो उसके पास एमटीएस का आई-कार्ड मिला। मौके पर सेंटर के पर्यवेक्षक अशोक कुमार के सामने उससे पूछताछ की तो खुलासा हुआ कि स्कूल मालिक जगदीप और उसके बेटे अनुज निवासी गढ़ी केबल ने उसे ग्राम सचिव का पेपर हल करने के लिए बुलाया है। उसने बताया कि गांव सिवाह निवासी आरोपी राजेश का आंसर-की अंदर पहुंचाने का काम है। उसने बताया कि अटेल निवासी देवेंद्र और किशनपुरा पानीपत निवासी वैभव को भी पेपर सॉल्व करने के लिए बुलाया गया था। ये दोनों अपनेे साथी पुष्पेंद्र के साथ अलग-अलग जगहों पर बैठकर प्रश्नपत्र हल कर आंसर-की परीक्षा केंद्र तक पहुंचा रहे थे। प्रश्नपत्र को हल करने के साथ ही सारे पेपर सॉल्वर ब्लूटूथ के जरिए आपस में कनेक्ट थे, जिसे जो जवाब पता था, बताता जा रहा था। एसपी शशांक कुमार ने बताया कि पैराडाइज स्कूल के मालिक जगदीप, उसके बेटे अनुज सहित राहुल और राजेश को स्कूल से गिरफ्तार किया गया। जबकि देवेंद्र और वैभव को सीआईए समालखा ने निरंकारी भवन जीटी रोड के पास से काबू किया। इसके अलावा पुष्पेंद्र और विश्वजीत निवासी पाकसमा रोहतक, अनुज निवासी करौंथा रोहतक, संजीत, अमन, सुनील और अंकित निवासी बलियाणा रोहतक, दीपक निवासी कसरहेटी सांपला को करनाल की कर्ण विहार कालोनी से गिरफ्तार किया गया है। एसपी के अनुसार आरोपियों से पूछताछ में कई और खुलासे हो सकते हैं। मौके पर एएसपी पूजा वशिष्ठ, थाना प्रभारी अंकित कुमार और सीआईए समालखा व पानीपत की टीमें मौजूद रहीं।
पहले भी कर चुके पेपर लीक कराने का प्रयास
पुलिस के अनुसार आरोपी पहले भी पेपर लीक करवाने का प्रयास कर चुके हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि समालखा के पैराडाइज स्कूल में ग्राम सचिव का पेपर लीक करने का प्रयास किया जा रहा है। इसको लेकर वहां पर संदिग्ध गतिविधियां हो रही हैं। इसके बाद एएसपी पूजा वशिष्ठ के नेतृत्व में पुलिस ने टीमें गठित की और डीजीपी मनोज यादव पूरे ऑपरेशन को मॉनीटर कर रहे थे।
-एमटीएस स्टाफ के रूप में रखता था पेपर लीक और सॉल्व करने वालों को-
एसपी ने बताया कि स्कूल मालिक पेपर हल करवाने और लीक करवाने वालों से सांठगांठ कर उन्हें सफाई कर्मी, चाय पिलाने, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के रूप में रख लेता था। परीक्षा के दौरान उनका एमटीएस कार्ड बनाया जाता था ताकि वो आसानी से आ और जा सकें। इसके उपरांत यह लोग पेपर की फोटो खींचकर सॉल्वर के पास पहुंचाते थे, जहां पर सॉल्वर आंसर-की की फोटोकॉपी पर प्रश्नों के जवाब भरता था।
- केंद्र में प्रवेश से पहले परीक्षार्थियों की जांच करने वाले कर्मी भी पुलिस रडार पर
परीक्षा केंद्र में आने वाले परीक्षार्थियों की जांच, फोटोग्राफी का काम प्राइवेट हाथों में था। उनसे भी मिलीभगत का संदेह है, एमटीएस के कार्ड कहां से बनवाए गए, इन सब बिंदुओं पर पुलिस अभी जांच कर रही है। पुलिस के रडार पर वे प्राइवेट कर्मी भी हैं, जो परीक्षार्थियों की जांच कर रहे थे और इसमें और भी कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
- हो सकता है इंटर स्टेट रैकेट-
एसपी ने बताया कि दो दिन पहले हिसार में भी पेपर लीक को लेकर मामला दर्ज किया गया था। पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है और ये इंटर स्टेट मामला भी हो सकता है। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ में और खुलासे हो सकते हैं।
- ये सामान किया बरामद
पुलिस ने स्कूल से ब्लूटूथ की तरह का डिवाइस बरामद किया, जिससे आंसर शीट परीक्षार्थी तक डायरेक्ट पहुंचाई जाती थी। इसके अतिरिक्त 18 मोबाइल, 2 लैपटॉप, 1 प्रिंटर, 4 कारें भी आरोपियों के कब्जे से पुलिस ने बरामद की। इसके अतिरिक्त स्कूल में सीसीटीवी के डीवीआर को भी कब्जे में लिया गया हैं। इन सबकी जांच की जाएगी।