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Panipat News: सड़क रिपेयर के नाम पर निगम में लाखों का घोटाला

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पानीपत। एक बार फिर से नगर निगम के विकास कार्याें में घोटालों की परतें खुलना शुरू हो गई है। इस बार वार्ड 24 में सड़क रिपेयर करने के नाम पर निगम के अधिकारी 18 लाख का घोटाला कर गए। जबकि सड़क पर कोई काम ही नहीं हुआ। जिस सड़क के नाम से रिपेयरिंग का टेंडर लगाया गया वह तो आधे से ज्यादा कच्ची पड़ी है। बिना सड़क बनाए ही इनकी रिपेयरिंग का टेंडर लगाकर भुगतान करवा लिया गया।
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गौरतलब है कि इस मामले में रनिंग बिल की पेमेंट थी। यानी जितना काम किया जाना था उसी के हिसाब से भुगतान दिया जाना था। इसका कुल भुगतान तो 49.90 लाख किया जाना था। जिसके नए बकाया करीब 31 लाख के बिल बनाने की तैयारी की जा रही थी। इससे पहले ही मामला उजागर हो गया। अब अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। ये काम सरकार के अमरूत योजना पार्ट-2 के अंदर आता था। इसके लिए सरकार की ओर से अलग से 44 करोड़ रुपये का बजट पास हो चुका है। निगम इस पर अलग से काम कर रहा है। अधिकारियों को इस बात का पता था कि ये काम अमरूत योजना के अंतर्गत होगा। इसलिए इससे पहले एक नया टेंडर लगाया। काम किए बिना ही रनिंग बिल तैयार करवाए और करीब 18.19 लाख का भुगतान ले लिया। बाकी का करीब 31.71 लाख का बिल तैयार हो रहा था। इससे पहले ही मामले का भंडा फूट गया।

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ये है मामला:
नगर निगम ने अमरूत योजना के अंतर्गत वार्ड 24 की गलियों में सीवर लाइन बिछाने का काम किया था। यहीं पर सड़क भी बनाई जानी थी। इसी बीच निगम अधिकारियों ने वार्ड 24 की इन्हीं सड़कों में से अर्जुन नगर में मोती राम से नरेंद्र की दुकान से जितेंद्र के मकान तक, ऋषिकुल स्कूल से सब्जी मंडी चौक से एमडी स्कूल वाया कुंदन स्कूल तक सड़क रिपेयर का टेंडर लगा दिया। ये टेंडर 49.90 लाख रुपये का एक एजेंसी को अलॉट किया गया। यहां सड़क बनाने की बजाए एजेंसी ने अधिकारियों से मिलीभगत कर 20.42 लाख का रनिंग बिल बनाकर निगम को दे दिया। इसमें से निगम ने 18.19 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया। बाकी करीब 31.71 लाख रुपये का बिल तैयार किया जाने से पहले मामला उजागर हो गया।
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मौके पर टूटी सड़क, गड्ढे और रोड़े
इस सड़क का मौके पर जब अवलोकन किया गया तो यहां सड़क तकरीबन टूटी मिली। सीवर लाइन के मेनहोल सड़क से ऊपर दिखाई दिए। कुछ जगह सड़क पर रोड़े ही रोड़े थे तो कुछ जगह कच्ची सड़क पड़ी थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि करीब ढाई तीन साल से यहां किसी ने एक ईंट भी नहीं रखी। इस बारे में कई बार अधिकारियों से लेकर नेताओं तक लोगों द्वारा गुहार लगाई जा चुकी है बावजूद वे काम करने को तैयार नहीं है। कच्ची और टूटी सड़कों की वजह से यहां लोगों को रोजाना आवागमन में परेशानी हो रही है। विशेष तौर पर बारिश के समय कीचड़ से सड़कें सन जाती हैं।

वर्जन:
ऐसे टेंडर का आज तक मैंने को कोई भुगतान नहीं किया। बिजली आदि के छोटे मोटे बिल तो पास कराए हैं इतनी बड़ी राशि के किसी बिल पर हस्ताक्षर तक नहीं किए। बावजूद अगर कोई ऐसा मामला है तो उसकी जांच कराई जाएगी।
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गोपाल कलावत, एक्सईएन, नगर निगम।
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