पानीपत। शहर के उद्योगों की वास्तविक स्थिति जानने के लिए किया जाने वाला सर्वे अब तक पूरा नहीं हो सका है। इसके आधार पर ही रेड, ऑरेंज, ग्रीन एवं व्हाइट श्रेणी के उद्योगों को शहर से बाहर निकालने की कवायद शुरू होनी थी। कंपनी को 31 जनवरी तक सर्वे रिपोर्ट तैयार कर उद्योग एवं वाणिज्य विभाग को सौंपनी थी लेकिन ऐसा नहीं हो सका। इस मामले में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग की सहायक निदेशक ने रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेज दी है। ऐसे में सर्वें कंपनी को ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
सर्वें कंपनी आरएसआई सॉप्टिस प्राइवेट लिमिटेड ने अगस्त 2021 को उद्योगों के सर्वे की रिपोर्ट दोबारा पेश की थी। इससे एक वर्ष पहले हुए सर्वे में खामियां मिलने पर दोबारा सर्वे करने का निर्देश दिया था, लेकिन कंपनी ने कुछ नहीं किया। अगस्त में दी गई रिपोर्ट महज एक सप्ताह में तैयार की गई थी, जो फर्जी निकली थी। जिले में 10 हजार फैक्टरी दिखाई गईं जबकि उद्यमियों के मुताबिक 30 हजार से अधिक फैक्टरी हैं। इस रिपोर्ट को खारिज कर फिर से सर्वे करने का निर्देश दिया गया लेकिन अल्टीमेटम को भी कंपनी ने दरकिनार कर दिया।
उधर, लघु उद्योग एसोसिएशन के प्रधान राकेश चुघ का कहना है कि मॉडल टाउन और सेक्टरों को छोड़कर पानीपत की हर कालोनी में उद्योग चल रहे हैं। उद्यमियों की मांग है कि लंबे वक्त से कॉलोनियों में चल रहीं फैक्टरियों को नियमित किया जाए। फैक्टरियों को सीएलयू और सीटूओ देकर नियमित किया जाए। इसके लिए ही सर्वे किया जा रहा था।
कंपनी ने समय पर सर्वे का काम पूरा नहीं किया है। 31 दिसंबर तक सर्वे पूरा कर रिपोर्ट उन्हें देनी थी, लेकिन कंपनी के अधिकारी व कर्मचारी शहर से नदारद है। उन्होंने कंपनी के कार्यों की रिपोर्ट मुख्यालय में भेज दी है। अब मुख्यालय इस पर कदम उठाएगा।
- क्षितिज कपूर, सहायक निदेशक, उद्योग एवं वाणिज्य विभाग