पानीपत। राधिका का चयन एशियन वुमेन रेसलिंग चैंपियनशिप के लिए हुआ है। पिछले चार वर्ष से लगातार अच्छे प्रदर्शन की बदौलत राधिका ने एशियन चैंपियनशिप के लिए जगह बनाई है। ट्रायल में अन्य खिलाड़ियों को चित करते हुए उन्होंने जगह बनाई।
राधिका ने बताया कि वह हिसार स्थित स्पोर्ट्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया परिसर में रहकर ही एशियन चैंपियनशिप के लिए तैयारी करेंगी। पहले राधिका छह घंटे अभ्यास करती थी, जिसे बढ़ाकर अब आठ घंटे कर दिया है। राधिका को खेल शुरू करने के दो वर्ष बाद स्लिप डिस्क हो गई थी। इसके बाद भी राधिका ने खेलना नहीं छोड़ा। राधिका का सपना है कि वह ओलंपिक में पदक जीतकर देश का नाम रोशन करें।
स्लिप डिस्क से परेशान राधिका ने दर्द निवारक स्प्रे कर राज्य स्तरीय कुश्ती चैंपियनशिप में भाग लिया और स्वर्ण पदक नाम किया था। राधिका को चार वर्ष पहले कुश्ती का अभ्यास करने दौरान रीढ़ की हड्डी में चोट लग गई थी। इसका इलाज पिछले चार वर्ष से चल रहा है। राधिका ने बताया कि हर चैंपियनशिप उनके लिए महत्वपूर्ण हैं। अभ्यास करना कभी बंद नहीं करती हैं। जब स्वर्ण पदक मिलता है तो सारी मेहनत साकार हो जाती है। राधिका ने पानीपत में रहकर ही कुश्ती खेलनी शुरू की थी लेकिन उपकरण एवं अच्छा कोच न मिलने की वजह से हिसार में रहकर अभ्यास करती हैं।