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काम छोड़ कर निगम के कच्चे-पक्के कर्मियों ने की हड़ताल, आज भी रखेंगे जारी

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पानीपत। नगर निगम के कच्चे और पक्के कर्मचारियों ने काम छोड़कर दो दिवसीय हड़ताल सोमवार से शुरू कर दी है। पहले दिन की इस हड़ताल में निगम के तकरीबन सभी कच्चे, पक्के कर्मचारियों ने भाग लिया। इनमें प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच से लेकर सफाई शाखा और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी तक शामिल रहे। जिससे निगम कार्यालय दिन भर सूनसान रहे। निगम कर्मियों की इस हड़ताल से शहर की सफाई व्यवस्था तो चरमराई ही साथ में निगम में अपने काम करवाने आए लोगों को खाली हाथ लौटना पड़ा।
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निगम के सभी कर्मचारियों ने हड़ताल की शुरुआत पेन डाउन, टूल डाउन नारे के साथ पालिका बाजार निगम के नीचे धरना प्रदर्शन करते हुए की। जिसमें उन्होंने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि अगर उनकी लंबित मांगों को नहीं माना गया तो ये हड़ताल अनिश्चितकालीन तक होगी। बता दें कि निगम कर्मचारियों की ये हड़ताल दूसरे दिन यानी मंगलवार को भी जारी रहेगी। नगर पालिका कर्मचारी संघ के बैनर तले शुरू की गई इस हड़ताल में निगम की सफाई शाखा के पक्के करीब 165 और कच्चे करीब 385 कर्मचारी काम छोड़ हड़ताल पर रहे। वहीं प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच समेत अन्य शाखाओं में से करीब 175 कर्मचारियों में से कुछ ही काम पर दिखाई दिए बाकी हड़ताल में अपना समर्थन देने पहुंचे। इस हड़ताल से पालिका बाजार निगम कार्यालय से लेकर ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स तक सूनसान दिखाई दिए। कर्मचारियों के हड़ताल में जाने की वजह से निगम अफसर भी अपने कार्यालय नहीं पहुंचे। कुल मिलाकर इस हड़ताल की वजह से निगम का पूरा काम काज ठप रहा।
एजेंसी कर्मचारी रहे काम पर-
ताऊ देवी लाल कॉम्प्लेक्स के नीचे नागरिक सुविधा केंद्र को प्राइवेट एजेंसी ने हायर किया है। इसलिए इस एजेंसी के सभी प्राइवेट कर्मचारी हड़ताल में शामिल नहीं हुए और अपने कार्यालय में काम करते दिखाई दिए। इसके अलावा शहर के चार जोन में हुए सफाई के टेंडर लेने वाली प्राइवेट एजेंसियों के खुद के कर्मचारियों ने भी शहर में सफाई का काम किया। इसके अलावा याशी सर्वे एजेंसी के कर्मचारी भी काम पर दिखाई दिए।
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ये रखी मांगे-
नगर पालिका कर्मचारी संघ के जिला उपप्रधान बलराज ने हड़ताल की अध्यक्षता करते हुए कहा कि सरकार कौशल रोजगार निगम भंग करे, फायर कर्मचारियों को निकाय में समायोजित करे, पांच हजार रुपये का जोखिम भत्ता दे, कच्चे कर्मचारियों को पक्का करे, ठेके और आउटसोर्स कर्मचारियों को पे-रोल पर करे, समान काम समान वेतन दे, पुरानी पेंशन बहाल करे, छंटनी गस्त योजना भंग करे, जिन कर्मियों की मौत कोरोना से हुई है उनके आश्रितों को 50 लाख और पक्का रोजगार दे।
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