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परियोजना: दिल्ली-अमृतसर के बीच बनेगा हाई स्पीड रेल कॉरिडोर, 474.772 किमी होगी लंबाई, पंचायतों से मांगा सहयोग

Sat, 03 Feb 2024 12:07 AM IST
भूपेंद्र सिंह अमर उजाला ब्यूरो, पानीपत (हरियाणा)

सार

पानीपत के उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने जिला सचिवालय में राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के संग बैठक की। पानीपत जिले में परियोजना की लंबाई 31.74 किलोमीटर है। प्रशासन ने पंचायतों से सहयोग मांगा है।
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दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर कॉरिडोर बुलेट ट्रेन (फाइल फोटो) - फोटो : Twitter
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विस्तार
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दिल्ली-अमृतसर के बीच हाई स्पीड रेल कॉरिडोर बनाया जाएगा। इसकी लंबाई करीब 474.772 किलोमीटर होगी, जबकि पानीपत में इसकी लंबाई करीब 31.74 किलोमीटर होगी। इस परियोजना में 22 गांव आएंगे। इसके मूर्त रूप में आने के बाद दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर कॉरिडोर प्राथमिक गलियारा बन जाएगा। इसमें बुलेट ट्रेनों के लिए 55 फीट चौड़ा रेलवे ट्रैक होगा। जिस पर 320 किमी प्रति घंटे की गति प्रस्तावित की गई है। इस कॉरिडोर के बनने के बाद अमृतसर से दिल्ली के बीच यात्रा का समय पांच से घटकर दो घंटे होने की उम्मीद है।

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उपायुक्त डॉ. वीरेंद्र कुमार दहिया ने इस संबंध में राष्ट्रीय हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन के अधिकारियों के साथ शुक्रवार को जिला सचिवालय में बैठक की। इस दौरान उन्होंने कॉरिडोर के संबंध में अधिकारियों से चर्चा की और हर पहलू पर बात की। बैठक में कई ग्राम पंचायत के सरपंच भी उपस्थित रहे।

उपायुक्त ने सरपंचों से कहा कि देश के विकास के लिए हमें अपने हितों का त्याग करना पड़े तो पीछे नहीं हटना चाहिए। उन्होंने कहा कि हाई स्पीड ट्रेन के संचालन से जहां लंबी दूरी की यात्रा सुगम होगी, वहीं क्षेत्र के विकास को भी गति मिलेगी।
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उपायुक्त ने सरपंचों को आश्वासन दिया कि उन्हें किसी तरह की तकलीफ नहीं होने दी जाएगी। उपायुक्त ने नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को आश्वस्त किया कि प्रशासन हर संभव मदद उन्हें देगा। इस पायलट प्रोजेक्ट को हर हाल में पूर्ण करने का प्रयास किया जाएगा। वे उक्त गांवों का खुद मुआयना भी करेंगे।

परियोजना में 22 गांव शामिल
जिले में परियोजना की लंबाई 31.74 किलोमीटर है। इसमें जिले के 22 गांव परियोजना के अंतर्गत आते हैं। 62.33 हेक्टेयर कुल प्रभावित क्षेत्र है। इसमें तीन तहसीलों का क्षेत्र है। इस कॉरिडोर के संचालन के बाद दिल्ली से चंडीगढ़ व अमृतसर तक आवागमन का समय घटेगा। बैठक में जीएम अनिल शर्मा ने बताया कि रेल मंत्रालय ने हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट का काम नेशनल हाई स्पीड रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड को दिया है। दिल्ली-चंडीगढ़-अमृतसर कॉरिडोर इनमें से एक प्राथमिक गलियारा है। डीसी-एएचएसआर कॉरिडोर में दिल्ली को अमृतसर से जोड़ने वाला एचएसआर कॉरिडोर लगभग 474.772 किलोमीटर लंबा है। उन्होंने सरपंचों से इस कार्य में सहयोग प्रदान करने की अपील की।

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