पानीपत। नगर निगम के एनडीसी पोर्टल में बार-बार हो रहे अपडेट से शहरवासी परेशान हैं। स्थिति यह है कि पोर्टल पर करीब दो हजार लंबित फाइलों की आपत्तियां अपडेट के साथ उड़ गई हैं। अब इन फाइलों की आपत्तियां को दोबारा ऑनलाइन दर्ज करवाना होगा। इस संबंध में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री कमल गुप्ता ने कहा कि कोई भी ऑनलाइन प्रणाली शुरुआत में थोड़ा समय जरूर लेती है, इसका लाभ शहर के लोगों को ही मिलेगा।
नगर निगम एनडीसी पोर्टल पर शहरवासियों ने करीब दो हजार आपत्तियां दर्ज करवाई थीं। सात मई को पोर्टल बंद हुआ और आठ मई की शाम को खामियों के साथ दोबारा चालू हो गया। इन अपडेट के साथ शहरवासियों की ओर से दर्ज करवाई गई सभी आपत्तियां उड़ र्गइं। जिससे पोर्टल पर पेंडिंग फाइलें जीरो हो गईं। मंगलवार को शहरी स्थानीय निकाय मंत्री को एनडीसी की पेंडिंग फाइलों के बारे में अधिकारियों ने बताया कि पोर्टल दोबारा चालू होने से पेंडिंग फाइलें दिखाई ही नहीं दे रही हैं।
निगम कार्यालय के बाहर सक्षम युवा मंत्री से मिलने का इंतजार करते रहे। छह मई को आवेदन के बावजूद अभी रोजगार नहीं मिला है। प्रॉपर्टी टैक्स ब्रांच में कुछ लोग मंत्री से मिलने का प्रयास करते रहे लेकिन उनको मिलने नहीं दिया गया। हाफिजाबादी क्लब के सदस्य प्रदीप भराड़ा, अजय हुडिया भी मंत्री से मिलने पहुंचे लेकिन बात नहीं हो सकी।
इतिहास बदलने में लगता है समय: मंत्री
प्रॉपर्टी आईडी का पहला सर्वे गलत था, इसलिए समस्याएं पैदा हो रही हैं। अब ड्रोन से सर्वे करवाया गया है, जिसे वेरिफाई करवाया जा रहा है। किसी भी शहर का इतिहास बदलने में समय लगता है। शहर की बेनामी प्रॉपर्टियों को भी निकालेंगे और उससे बिजली, पानी, प्रॉपर्टी टैक्स आदि सभी जोड़े जाएंगे। गलतियों के कारण जनता को तकलीफ होती है लेकिन विकास कार्यों को भी नहीं रोक सकते। वहीं, अगर कोई भ्रष्टाचार की शिकायत है तो उन्हें दें। वे इस पर कार्रवाई करेंगे।
- कमल गुप्ता, मंत्री, शहरी स्थानीय निकाय विभाग, हरियाणा।