चालक प्रशिक्षुकओं को शपथ दिलाते उप निरीक्षक डॉ. अशोक वर्मा। स्रोत : स्वयं
पानीपत। राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के जागरूकता कार्यक्रम प्रभारी उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा मंगलवार को राज्य परिवहन के चालक प्रशिक्षण केंद्र पहुंचे। यह उनका नशे के विरुद्ध एक दिवसीय 93 वां जागरूकता कार्यक्रम रहा। प्रशिक्षण केंद्र के प्रभारी राकेश शर्मा और अनिल कुंडू की अध्यक्षता में 77 चालक प्रशिक्षुओं और नौ कर्मियों ने भाग लिया।
उप निरीक्षक डॉ. अशोक कुमार वर्मा ने बताया कि विधि के अनुसार नशे दो प्रकार के हैं। भारत सरकार ने वर्ष 1985 में नारकोटिक्स ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटांस एक्ट बनाया था जिसके तहत नशे को प्रतिबंधित किया गया था। इसी अधिनियम के अनुसार अफीम, चरस, भांग, कोकीन, ब्राउन शुगर, हेरोइन, स्मैक, चिट्टा, नशे की गोलियां आदि प्रतिबंधित हैं। ये नशे मनुष्य के लिए घातक हैं जो मनुष्य के मस्तिष्क और शरीर को भीतर तक खोखला कर रहे हैं। इनका सेवन, क्रय-विक्रय करना और ऐसे कार्य में किसी का सहयोग करना दंडनीय अपराध है। नशा तस्करी में संलिप्त अपराधियों की गुप्त सूचनाएं एनसीबी एमएएनएएस पोर्टल पर देकर जागरूक नागरिक का कर्तव्य निर्वहन करें। कार्यक्रम के समापन पर सभी को नशे के विरुद्ध शपथ दिलवाई गई। संवाद