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दूसरे से व्हीलचेयर लेकर खेली फेंसिंग चैंपियनशिप, जीता स्वर्ण

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पानीपत। अन्नू। - फोटो : Panipat
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पानीपत। दूसरे से व्हीलचेयर लेकर खेलने वाली गांव देहरा निवासी खिलाड़ी अनु रानी ने भुवनेश्वर में आयोजित नेशनल फेंसिंग व्हीलचेयर चैंपियनशिप में स्वर्ण पदक जीता है। जन्म से ही अनु के दोनों पैर नहीं हैं लेकिन उन्होंने कभी हिम्मत नहीं हारी। ऐसा ही जज्बा फेंसिंग खिलाड़ी पिंकू जागलान का भी है। उन्होंने एक हादसे में अपना एक पैर गंवा देने के बाद हौसला कायम रखा और चैंपियनशिप में जीत हासिल की है।
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पहले बास्केटबॉल खेलती थीं अनु, फिर बदल दिया खेल
खिलाड़ी अनु के पिता बाइक मिस्त्री हैं। उनके परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं है। उनके पास व्हीलचेयर तक नहीं थी। फेंसिंग व्हीलचेयर चैंपियनशिप में भाग लेने के लिए उन्होंने दूसरे खिलाड़ी से व्हीलचेयर मांगी और स्वर्ण पदक जीता। फेंसिंग से पहले अनु बास्केटबॉल खेलती थीं। एक दिन फेंसिंग व्हीलचेयर का खेल देखा और अपना खेल बदल दिया। अब वह पदक जीतकर देश का नाम रोशन कर रही हैं। वर्ष 2019 में चेन्नई में आयोजित नेशनल फेंसिंग व्हीलचेयर चैंपिनयशिप में स्वर्ण एवं कांस्य और भुवनेश्वर में भी स्वर्ण एवं कांस्य पदक जीता है।
ट्रेन हादसे में कट गया था पैर, नहीं मानी हार, खेलना किया शुरू
गांव कुराना निवासी पिंकू जागलान ने एक ट्रेन हादसे में अपना एक पैर गंवा दिया था लेकिन हौसला नहीं खोया। वर्ष 2013 में पानीपत से फरीदाबाद जाते हुए पिंकू ट्रेन की चपेट में आ गए थे। इस हादसे से उबरने में दो वर्ष लग गए। डॉ. अंजू गौतम ने पिंकू को फेंसिंग व्हीलचेयर चैंपियनशिप के बारे में बताया, जिस पर उन्होंने 2017 में फेंसिंग शुरू की। अपने पहले साल ही उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। उनके पिता खेती करते हैं। बड़े भाई नरेश जागलान उनकी मदद करते हैं और खेल के लिए प्रोत्साहित करते हैं। पिंकू ने भुवनेश्वर में दो स्वर्ण, उडीसा में कांस्य और बिलासपुर व्हीलचेयर चैंपियनशिप में रजत पदक जीता है। पिंकू को कोच सतबीर अभ्यास कराते हैं।

पानीपत। खिलाड़ी पिंकू गोल्ड मैडल दिखाता हुआ।- फोटो : Panipat

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