पानीपत। हाईकोर्ट में याचिका खारिज होने के बाद पानीपत माइनर की जमीन पर सालों से काबिज लोगों को अपना आशियाना अब खाली करना पड़ेगा। नहरी विभाग के एक्सईएन ने भी साफ कर दिया कि अब यह जमीन हर हाल में कब्जा मुक्त कराई जाएगी।
गौरतलब है कि नहरी विभाग की मॉडल टाउन के बाल विकास स्कूल से जाटल रोड तक वाली पानीपत माइनर की जमीन पर सालों से लोग काबिज हैं। यहां करीब 112 लोगों ने कब्जे किए हैं। इनमें से 103 जगहों पर मकान और झुग्गियां तक बनाई जा चुकी हैं। बताया जा रहा है कि विभाग ने जब इनको नोटिस देकर गिराना शुरू किया तो कुछ लोगों ने इस जमीन को कलेक्टर रेट पर खरीदने के लिए उच्च न्यायालय में याचिका दायर की थी। इसे अब खारिज कर दिया गया है।
दूसरी ओर जमीन पर काबिज कुछ लोगों का कहना है कि वे न्यायालय से इस जमीन पर स्टे आर्डर तक लेने का प्रयास कर रहे हैं। हालांकि अभी तक इस प्रकार का कोई स्टे आर्डर मिलने का मामला संज्ञान में नहीं आया है। दूसरी तरफ नहरी विभाग के अधिकारियों का कहना है कि न्यायालय सर्वोपरि है। इसमें अपनी बात रखना सबका अधिकार है लेकिन विभाग के पास न्यायालय से ही जमीन को खाली करवाने के आदेश हैं। अब विभाग इस जमीन को कब्जा मुक्त कराने के लिए जल्द अभियान चलाएगा। विभाग अपने ही क्वार्टरों तक को अधिकारियों और कर्मचारियों से खाली करवा रहा है। वहीं, तमाम लोगों ने भी अपने मकानों, सामान और मलबे को हटाना भी शुरू कर दिया है।
खारिज हो चुकी हैं लोगों की याचिका, अब खाली करें मकान
माइनर की जमीन पर कब्जा किए लोगों ने हाई कोर्ट में स्टे आर्डर लेने और कलेक्टर रेट पर रजिस्टरी करवाने के लिए याचिका लगाई थी, जो अब खारिज हो चुकी हैं। अब विभाग अपनी जमीन खाली करवाएगा। लोगों को इसे अब खाली कर देना चाहिए। - सुरेश सैनी, एक्सईएन, नहरी विभाग, पानीपत।