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पानीपत में ये कैसा जनता दरबार, लोग बिना समाधान आश्वासन पर वापस लौटे, रोने लगे फरियादी

Thu, 11 May 2023 02:46 PM IST
नवीन दलाल माई सिटी रिपोर्टर, पानीपत (हरियाणा)

सार

पानीपत के जनता दरबार में खुद निगम आयुक्त पौने घंटे की देरी से आई। वहीं शहरी विधायक इस दरबार में शामिल ही नहीं हुए। जिन लोगों को समाधान नहीं मिला उन्होंने मेयर और निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकालीं। इस दौरान कुछ लोगों के आंसू तक निकल आए।
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जनता दरबार में रोने लगे फरियादी - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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मुख्यमंत्री मनोहर लाल के निर्देशों पर मेयर अवनीत कौर ने वीरवार सुबह 11:00 बजे से जनता दरबार लगाया गया। इस दरबार खुले की बजाय मेयर ने अपने कार्यालय में लगाया। इसमें 100 लोगों को टोकन देकर बारी-बारी अंदर बुलाया गया। हालांकि अब तक किसी भी शिकायत का मौके पर समाधान नहीं हो पाया। सभी लोगों को आश्वासन देकर वापस दिया।

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मेयर ने बंद कमरे में चलाया जनता का दरबार
जनता दरबार में खुद निगम आयुक्त पौने घंटे की देरी से आई। वहीं शहरी विधायक इस दरबार में शामिल ही नहीं हुए। जिन लोगों को समाधान नहीं मिला उन्होंने मेयर और निगम अधिकारियों के खिलाफ जमकर अपनी भड़ास निकालीं। इस दौरान कुछ लोगों के आंसू तक निकल आए। उन्होंने अफसरों और नेताओं के पैर तक पकड़े फिर भी उनको अपनी समस्याओं का समाधान नहीं मिला। 

जनता दरबार में आश्वासन देने का काम किया गया
ज्यादातर शिकायतें प्रॉपर्टी टैक्स से संबंधित रही। जबकि अप्रैल के अंतिम सप्ताह में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री डॉक्टर कमल गुप्ता निगम अधिकारियों को सख्त निर्देश दे चुके थे कि 1 मई से प्रॉपर्टी टैक्स की सभी समस्याओं का समाधान होना चाहिए , जो धरातल पर नहीं हो सका। जनता दरबार में आए लोगों की सिर्फ लिखित शिकायतें लेकर उनका समाधान देने का आश्वासन देने का ही काम किया गया।
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शिकायतें देने से हल नहीं होता रिश्वत देकर ही काम होता
बाहर मौजूद सैकड़ों लोगों ने निगम अधिकारियों को जमकर कोसा कुछ लोगों ने तो निगम अधिकारियों और नेताओं पर भ्रष्टाचार के आरोप तक लगाए। उन्होंने कहा कि यहां शिकायतें देने से हल नहीं होता रिश्वत देकर ही काम होता है। बता दें कि जनता दरबार पहले वार्ड 9 में लगाया जाना था, लेकिन ऐन मौके पर इसका प्लान बदलकर मेयर कार्यालय कर दिया गया। यहां लोगों के लिए न बैठने की जगह थी न पीने का पानी था। निगम को खुद सहयोग परिवार संस्था के वाटर टैंकर को मंगवा कर काम चलाना पड़ा। 

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