हरियाणा के पानीपत में स्काईलार्क रिसोर्ट के सामने फ्लाईओवर के नीचे पार्किंग में एक बीमा कंपनी के वरिष्ठ प्रबंधक की कार धूं-धूं कर जल गई। कार मालिक आग पर काबू पाने के लिए पुलिस कर्मचारियों से मिन्नतें करता रहा, लेकिन पुलिस के जवानों ने भी अपनी बेबसी जाहिर कर दी। दमकल विभाग को कॉल की गई, लेकिन दमकल विभाग की गाड़ियां 20 मिनट के बाद पहुंची। तब तक कार पूरी तरह से जल गई थी। दमकल विभाग की गाड़ी ने आधा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।
तहसील कैंप के उमंग आहूजा ने बताया कि वह एक बीमा कंपनी में वरिष्ठ प्रबंधक है। वह बेटे को दवा दिलवाने के लिए गया था। वह बेटे को घर छोड़कर पार्किंग में कार खड़ी कर वापस घर जा रहा था। उसको गाड़ी धुआं उठता दिखाई दिया। उसने आसपास खड़े लोगों से पानी मांगा, लेकिन किसी के पास पानी नहीं मिला। वह सामने पेट्रोल पंप से आग बुझाने के लिए सिलिंडर लेकर आया।
उसने अपने आप आग पर काबू पाने का प्रयास किया, लेकिन आग भड़क चुकी थी। दो-तीन लोगों ने भी रेत डालकर आग बुझाने का प्रयास किया। यहां पुलिस के जवान थे। उसने उनसे मदद मांगी तो उन्होंने कहा कि वो इसमें क्या मदद कर सकते हैं।
दमकल विभाग को कॉल करो। दमकल विभाग को सूचना देने के 20 मिनट बाद यहां गाड़ी मौके पर पहुंची। फिर आग पर काबू पाया गया। उसे शक है कि किसी ने हाथ सेंकने के लिए अलाव जलाया था। वहीं से कोई चिंगारी कार में गई है। इस कारण कार जल गई।
पार्किंग का शुल्क देते हैं, फिर भी मदद नहीं मिली
उमंग आहूजा ने बताया कि वो कार खड़ी करने के लिए 750 रुपये मासिक देते हैं। कार में आग लगने के बाद न कोई ठेकेदार आया और न ही कोई कर्मचारी आया। शुल्क देने के बाद भी उन्हें यहां मदद नहीं मिली। यहां किसी प्रकार के बचाव के उपकरण भी नहीं लगे हुए हैं।