नवादा आर-सनौली कलां सड़क पर कटाव के चलते गहरा गड्ढा बना था। बाढ़ आने के बाद डूबने से मौत की जिले में यह दूसरी घटना है। सनौली थाने की पुलिस ने शव को शवगृह में रखवा दिया है।
हरियाणा के पानीपत में यमुना की बाढ़ के पानी में डूबकर एक बकरी पालक की मौत हो गई। वह शनिवार को हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर आया था और रविवार को अपनी 12 साल की बेटी के साथ कई दिन से भूखी बकरियों को चराने ले गया था। हादसा रविवार शाम करीब चार बजे हुआ।
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नवारा-आर निवासी राजेश (38) रविवार की शाम अपनी बेटी पलक के साथ पांच-छह बकरियां चराने लाया था। वे दोनों नवादा-आर से सनौली कलां सड़क पर बकरी लेकर आए। यहां सड़क करीब 20 फुट साथ लगी रेत की पुरानी खान में बह गई थी। इसमें गहरा गड्ढा होने से पानी जमा था।
राजेश पानी में गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लगा पाया और इसमें डूब गया। उसकी लड़की ने आसपास के लोगों को आवाज देकर बुलाया। लोगों ने काफी मशक्कत के बाद उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। परिवार के सदस्य भी मौके पर पहुंचे।
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उसकी मौत का पता चलते ही परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि राजेश के पास चार लड़किया हैं। वह मेहनत मजदूरी कर परिवार का पालन पोषण करता था। शनिवार को हरिद्वार से कांवड़ लेकर आया था। रविवार को दोपहर तक आराम करने के बाद दोपहर बाद बकरियों को घास चराने के लिए लेकर निकला था।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि अधिकारी दो गांवों को जोड़ने वाली सड़क के कटाव को भरने को लेकर अनदेखी करते रहे। यह हादसा अधिकारियों की अनदेखी के चलते हुआ है। सनौली थाना प्रभारी महावीर सिंह ने बताया कि मृतक के शव को शवगृह में रखवा दिया गया है।
बाढ़ के पहले दिन एक पशुपालक की हुई थी मौत
पानीपत में तामशाबाद के समीप गत मंगलवार को यमुना टूट गई थी। उस समय गोयला कलां निवासी विक्रम अपनी भैंसों को लेकर गया था। वह बाढ़ में भैंसों को बचाते समय पानी के तेज बहाव में बह गया था। स्थानीय लोगों ने उसे कुछ देर बाद निकाल लिया था, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।