पानीपत। कोरोना की तीसरी लहर अब पीक पर पहुंच गई है। तीसरी लहर में कोरोना के दो हजार से अधिक केस महज पिछले 16 दिन में मिल चुके हैं। तीसरी लहर में हैैरानी की बात ये है कि इस बार युवा कोरोना संक्रमण की चपेट में जल्द आ रहे हैं। अब तक दो हजार केस में से बुजुर्गों की संख्या महज तीन प्रतिशत है। तीसरी लहर में 60 वर्ष से अधिक आयु के महज 95 बुजुर्गों की रिपोर्ट कोरोना पॉजिटिव मिली है।
संक्रमण की चपेट में सबसे अधिक 18-35 आयु वर्ग के लोग आ रहे हैं। इनकी संख्या कुल संख्या का 45 प्रतिशत है। अब तक इस वर्ग के 942 केस दर्ज हो चुके हैं। कोरोना के हर 100 केस में 42 केस 18-35 आयु वर्ग के हैं जबकि 35-60 साल के 650 लोग कोरोना संक्रमण का शिकार हुए हैं और 17 साल तक की आयु के 110 बच्चे कोरोना की तीसरी लहर में संक्रमित हुए हैं।
दूसरी ओर राहत वाली बात यह है कि कोरोना की तीसरी लहर में अब तक किसी की मौत नहीं हुई है। डॉक्टरों के अनुसार, युवाओं का जल्द संक्रमण होने का कारण कोरोना रोधी टीकाकरण में देरी करना या एक डोज के बाद दूसरी डोज समय निकल जाने के बाद लगवाना है। युवाओं में एंटीबॉडी विकसित नहीं हो पाई। इसलिए इस लहर में युवा संक्रमण की चपेट में जल्द आ रहे हैं।
दो लाख लोगों ने समय पर नहीं लगवाई दूसरी डोज
जिले में अब तक 1.45 लाख लोगों ने कोरोना रोधी टीके की पहली खुराक ली है। अब तक सवा तीन लाख लोगों को दूसरी डोज नहीं लगी है। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार 31 दिसंबर तक जिले में ऐसे दो लाख लोग थे जिनकी पहली डोज को छह माह से अधिक का समय हो चुका था। वो डोज नहीं ले रहे थे। सरकार की सख्ती के बाद इन्होंने डोज ली। समय पर डोज नहीं लेने के कारण इनमें एंटीबॉडी विकसित नहीं हुई। इसलिए ये कोरोना की चपेट में जल्द आ रहे हैं।
पिछले पांच दिन में 18-35 आयु वर्ग के कितने युवा मिले संक्रमित
दिनांक- केस
17 जनवरी- 171
16 जनवरी - 168
15 जनवरी- 119
14 जनवरी- 157
13 जनवरी- 129
पहली लहर में 1250 बच्चे हुए थे कोरोना संक्रमित
जिले में पहला कोरोना का केस आठ मार्च 2020 को दर्ज किया गया था। कोरोना की पहली लहर में 1250 बच्चे कोरोना संक्रमण का शिकार हुए थे। दूसरी लहर में 3270 बच्चे कोरोना की चपेट में आए। इस तीसरी लहर में अब तक 110 बच्चे कोरोना की चपेट में आए हैं। सबसे अधिक बच्चे रिफाइनरी टाउनशिप में कोरोना संक्रमित मिले हैं। यहां रहने वाले अधिकतर परिवार बाहर घूमकर लौटे और यहां जांच कराने पर वो कोरोना संक्रमित मिले।
युवाओं की बजाय बुजुर्गों ने गंभीरता से लगवाया टीका
जिले में ऐसे लगभग दो लाख लोग हैं जिन्होंने कोरोना रोधी टीके की दूसरी समय पर नहीं लगवाई है। बुजुर्गों ने टीकाकरण को गंभीरता से लिया है। समय पर टीकाकरण की दोनों डोज नहीं लेने से अधिकतर में उतनी एंटीबॉडी विकसित नहीं हुई। इसलिए युवा कोरोना की जल्द चपेट में आ रहे हैं।
डॉ. मनीष पाशी, नोडल अधिकारी कोरोना टीकाकरण कार्यक्रम