पानीपत। कार्यक्रम में पहुंचे मुख्य अतिथि का स्वागत करते हुए लोग।
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मतलौडा। जन स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन की ओर से बीडीओ कार्यालय मतलौडा के सभागार में शुक्रवार को एक दिवसीय जल जागरुकता प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान एक जल प्रतियोगिता आयोजित करवाई गई। जिसमें विजेताओं को मौके पर ही पुरस्कृत भी किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि के तौर पर उप मंडल अभियंता वीरेंद्र कुमार ने शिरकत की। वहीं विशिष्ट अतिथि बीआरसी रोशनलाल आत्माराम रहे। बीआरसी जसवीर सिंह, बीआरसी आत्माराम भट्टी, जेई राकेश कुमार, नीतीश कुमार और होशियार सिंह मुख्य वक्ता के रूप में मौजूद रहे। समारोह में मतलौडा खंड के सभी गांव के ट्यूबवेल ऑपरेटरों व तकनीकी अधिकारियों ने भाग लिया। उपमंडल अभियंता वीरेंद्र ने कहा कि जल जीवन का आधार मीठे जल के अभाव में पौधे और प्राणियों का जीवन संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि यूं तो समुद्र पानी से भरे हैं लेकिन मीठे जल की मात्रा केवल दो प्रतिशत ही है और समुद्र जल को शुद्ध करने पर भारी खर्च आता है। बीआरसी आत्माराम भट्टी ने कहा कि मीठे जल की खपत कृषि पशुपालन और उद्योगों में अधिक होती है। इसलिए किसान को सूक्ष्म सिंचाई और टपका सिंचाई योजना को अपनाना चाहिए। उद्योगों को भी पानी को शुद्ध करके बार बार प्रयोग में लाना चाहिए और डेयरी के मालिकों को भी भूजल को बचाने के सभी प्रयास करने होंगे तभी जल संरक्षण अभियान को सफल बनाया जा सकता है। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वह सुबह शाम केवल दो 2 घंटे ही ट्यूबवेल को चलाएं और पानी की बर्बादी न होने दें।