पानीपत। देसराज कॉलोनी में एक ई-रिक्शा चालक ने फाइनेंसर की प्रताड़ना से तंग आकर फंदा लगाकर जान दे दी। 14 वर्षीय बेटी स्कूल से घर लौटी तो उसने पड़ोसियों की मदद से पिता के शव को फंदे से नीचे उतारा। साथ ही इसकी सूचना पुलिस को दी। तहसील कैंप थाना पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों की शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। परिजनों का आरोप है कि 40 हजार कर्ज की जगह पीड़ित ने 55 हजार ब्याज चुकाया था। इसके बावजूद आरोपी उसका ई-रिक्शा छीन ले गए और मारपीट भी की, जिसके बाद उसने आत्मघाती कदम उठाया।
देसराज कॉलोनी निवासी नसरीन उर्फ निराली ने बताया कि उसके पति की तीन साल पहले मौत हो गई थी, जिसके बाद देवर दिलशाद उर्फ दिल्ला (24) से उसका निकाह हुआ था। दिलशाद ई-रिक्शा चलाता था। दिलशाद ने छह माह पहले फाइनेंसर महेंद्र से 40 हजार रुपये कर्ज लिए थे, जिसे 10 रुपये मासिक ब्याज की दर से लौटाना था। दिलशाद हर माह ब्याज की रकम चुका रहा था। अब तक वह 55 हजार रुपये दे चुका था, इसके बावजूद फाइनेंसर महेंद्र और उसके साथी टोनी लगातार दिलशाद पर 40 हजार रुपये देने का दबाव बना रहे थे। पिछले 20 दिनों से उनकी प्रताड़ना बढ़ गई थी। वह घर पर आकर भी हाथापाई करने लगे थे। बीते बुधवार को आरोपी घर पर आए और जबरदस्ती 10 हजार रुपये छीनकर ले गए। उसके साथ व पति के साथ मारपीट की। इससे पति मानसिक रूप से परेशान चल रहा था। बृहस्पतिवार को वह फैक्टरी गई थी, जबकि चारों बच्चे स्कूल गए थे। दोपहर बाद बड़ी बेटी स्कूल से घर लौटी तो उसने पिता दिलशाद का शव फंदे पर लटका देखा। उसने पड़ाेसियों की मदद से शव को फंदे से उतारा और पुलिस को सूचना दी। नसरीन का आरोप है कि उसके पति ने फाइनेंसरों की प्रताड़ना से तंग आकर आत्महत्या की है। आरोपी उसके पति की ई-रिक्शा भी हड़प चुके थे।
वर्जन
परिजनों की तरफ से शिकायत मिली है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है, मामले की जांच के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
- इंस्पेक्टर फूल कुमार, प्रभारी, तहसील कैंप थाना