अस्पताल में बच्चे को लेकर पहुंची मां।
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पानीपत की देशराज कॉलोनी में अहोई अष्टमी के दिन बेड से गिरकर नौ माह के मासूम की मौत हो गई। मां ने बेटे की लंबी आयु के लिए व्रत रखा था और उसे बेड पर लेटाकर रसोई में प्रसाद बनाने गई थी। कुछ ही देर में गिरने की आवाज पर कमरे में पहुंची तो बेटा फर्श पर मुंह के बल बेसुध मिला। मां की चीख सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा आए और मां और बेटे को अस्पताल लेकर गए, जहां डॉक्टरों ने बच्चे को मृत घोषित कर दिया। इतना सुनते ही मां डॉक्टर के गले लगकर रोई और कहती रही मेरा बेटा वापस ला दो।
मां जब सामान्य अस्पताल बेटे को लेकर पहुंची तो उसका इमरजेंसी वार्ड में डॉक्टरों की टीम ने इलाज किया, मां को बाहर बैठाया गया था। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित किया तो वह बिलख पड़ी। डॉक्टर से कहती रही कि मेरे लाल की एक बार सांस वापस ला दो। देशराज कॉलोनी निवासी मां सोनी ने बताया कि उसकी तीन साल पहले अजीत से शादी हुई थी।
काफी मन्नतों के बाद बेटा हुआ, जिसका नाम निशांत रखा। रोती बिलखती मां ने कहा कि वह सोमवार को अहोई अष्टमी के दिन अपने बच्चे की लंबी आयु के लिए व्रत रखा था। शाम करीब चार बजे बेटा सो गया, जिसके बाद वह बेटे को बेड पर लेटाकर रसोई में अहोई माता का प्रसाद बनाने चली गई। करीब 20 मिनट बाद उसे कुछ गिरने की आवाज सुनाई दी, वह दौड़कर पहले दूसरे कमरों में गई, लेकिन कुछ नहीं मिला, वह बेटे के कमरे में गई तो उसका लाल फर्श पर गिरा मिला। वह बेसुध था।
बेटे को छाती से लगाए चार अस्पतालों में पहुंची मां
हादसे के बाद वह बेटे को छाती पर लगाकर देवी मूर्ति कॉलोनी स्थित बच्चों के एक निजी अस्पताल में पहुंची, जहां पर डॉक्टर ने उसका चेकअप किया, लेकिन सांस न आने पर सामान्य अस्पताल लेकर जाने के लिए कहा, वह सामान्य अस्पताल पहुंची तो डॉक्टर ने आधा घंटे तक बच्चे सीपीआर दिया, लेकिन सांस नहीं लौटी। डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिसके बाद भी मां बेटे को गोद में उठाकर तीसरे अस्पताल की तरफ दौड़ पड़ी, वहां से फिर चौथे अस्पताल लेकर गई। डॉक्टरों से कहती रही कि बेटा जिंदा कर दो।