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नजीटी ने यमुना को प्रदूषित होने से नहीं बचाने के लिए एक्शन प्लान तैयार नहीं होने पर एचएसपीसी व प्रशासन को लगाई फटकार

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यमुना को प्रदूषित होने से बचाने के लिए प्रशासन कोई ठोस कदम नहीं उठा रहा। इसलिए एनजीटी हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड व स्थानीय प्रशासन को फटकार भी लगा चुका है। अब सीपीसीबी ने एक समीक्षा रिपोर्ट जारी की है। इसमें एनजीटी ने कहा है कि सभी रीजनल ऑफिसर को निर्देश दिए गए थे कि वो सिंचाई विभाग के साथ ये सुनिश्चित करें कि ड्रेन से यमुना में कितना पानी गिरता है। उस पानी की गुणवत्ता कैसी है। यमुना को बचाने के लिए प्रत्येक जिले में टास्क फोर्स होनी चाहिए। प्रशासन ने इस संबंध में कोई ठोस कार्य नहीं किए। आरओ ने इस संबंध में रिपोर्ट भी सबमिट नहीं करवाई है।
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राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ये नहीं कर सका-
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने निर्देश दिए थे कि सभी यमुना नदी या उसके राज्य में उसकी सहायक नदियों में संगठनों से पहले सभी नालों में स्थायी प्रवाह निगरानी स्टेशनों को यमुना नदी या उसकी सहायक नदियों में निर्वहन के योगदान को जानने के लिए स्थापित किया जाना चाहिए और संबंधित विभाग द्वारा रिकॉर्ड बनाए रखा जाएगा। लेकिन इस संबंध में कोई ठोस कदम नहीं उठाए।
-सिंचाई विभाग व यमुना के रख रखाव से संबंध रखने वाले विभागों द्वारा एक्शन प्लान तो दिए गए है , लेकिन मासिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं की गई है। सभी विभागों को अपनी रिपोर्ट हर माह की 5 तारीख तक जमा कराने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन रिपोर्ट नहीं जमा कराई गई।
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-एनजीटी ने जून माह में यमुना नदी को प्रदूषित करने वाली 35 फैक्टरियों को बंद करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस संबंध में भी कोई कार्रवाई नहीं की।
-अवैध कॉलोनियों से निकलने वाले पानी के लिए सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट होना आवश्यक है। इसके बाद ही गंदे पानी को ड्रेन में छोड़ा जाए, लेकिन इस संबंध में भी प्रशासन कार्रवाई नहीं कर पाया। गंदा पानी सीधा ड्रेन में जा रहा है और ड्रेन सीधे यमुना में गिर रही है।
- समीक्षा रिपोर्ट में आईएमटी रोहतक, पानीपत, कुंडली, मुरथल, राय और बरही में सीईटीपी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। उन्हें हटाने के लिए कार्य योजना के साथ कमियों का विवरण आवश्यक है।औद्योगिक क्षेत्र में स्थित उद्योग बिना सहमति के चल रहे हैं।इन उद्योगों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
यमुना को प्रदूषित होने से बचाने के लिए कर रहे हैं काम- सिंह
यमुना को प्रदूषित करने वाली फैक्टरियों को चिह्नित कर कार्रवाई कर रहे हैं। यमुना में गिरने वाली ड्रेन के वाटर की भी जांच की जा रही है। राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड यमुना को लेकर गंभीर है।
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भूपेंद्र सिंह, रिजनल ऑफिसर हरियाणा प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड
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