नीरज चोपड़ा का जन्म 24 दिसंबर 1997 को पानीपत खंडरा गांव में हुआ है। उनके पिता सतीश कुमार पेशे से किसान हैं और इनकी मां सरोज देवी एक गृहिणी हैं। उन्होंने एशियन गेम्स में फिर से गोल्ड पर भाला फेंका है।
हरियाणा के पानीपत के लाल नीरज चोपड़ा ने एशियाई खेलों में एक बार फिर गोल्ड जीत लिया है। इसके साथ उनके खंडरा स्थित गांव में परिजन व गांव वालों में खुशी की लहर दौड़ गई है। परिजनों ने मैच को लाइव देखा। पिता सतीश कुमार और मां सरोज देवी ने बताया कि बेटे ने इस बार भी मेहनत को सुनहरा बनाया।
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पिता सतीश कुमार ने बताया कि बेटा लगातार मेहनत कर रहा है। नीरज ने 88.88 मीटर दूर भाला फेंका है। नीरज चोपड़ा ने पैतृक गांव खंडरा में खुशी की लहर है। पिता बोले कि बेटे ने पहले ही मेडल लाने की बात कही थी। उनको नीरज पर भरोसा है।
नीरज ने इस साल दोहा डायमंड लीग में उन्होंने 88.67 मीटर दूर भाला फेंका था, जबकि लुसान डायमंड लीग में वह 87.66 मीटर के साथ जीते थे। ज्यूरिख डायमंड लीग में 85.71 के बेस्ट अटेम्प्ट के साथ दूसरे स्थान पर रहे थे। वहीं, विश्व चैंपियनशिप में नीरज ने स्वर्ण पदक जीता था।