पानीपत। सरसों में नमी खरीद में बाधा बन रही है। जिसके चलते हर रोज आने वाली आवक की खरीद नहीं हो पा रही है। ऐसे में किसान मंडी में ही रुकने को मजबूर हैं। वहीं जिला की तीन मंडियों में सरसों की खरीद बुधवार को भी शुरू नहीं हो पाई। तीन मंडियों में करीब 910 क्विंटल में से 420 क्विंटल सरसों की खरीद की जा सकी। इसके साथ एजेंसी अपेक्षाकृत उठान भी नहीं कर पाई हैं।
हैफेड और हरियाणा वेयर हाउस को छह मंडियों में सरसों की खरीद का जिम्मा दिया है। बुधवार तक जिले की तीन मंडियों में 63 गेट पास काटे गए। यहां करीब 910 क्विंटल सरसों की आवक हुई है। इसमें से केवल 27 किसानों की करीब 420 क्विंटल सरसों की खरीद की गई। एजेंसी अधिकारियों ने किसानों को सरसों में नमी बताई है। उनको सरसों सुखाकर मंडी में लाने की अपील की है।
किसान राजबीर, धर्मबीर और राजेंद्र ने बताया कि बुधवार को पांचवें दिन सरसों की अपेक्षाकृत सरकारी खरीद नहीं की। ऐसे में किसानों को मंडी में फसल डालने और यहीं रहने को मजबूर होना पड़ रहा है। मंडियों में मुलभूत सुविधाओंं के अभाव में परेशानी बढ़ रही है। सरसों में थोड़ी बहुत नमी होने पर भी खरीद नहीं की जा रही है। जिससे किसानोंं को परेशानी हो रही है। वह मंडी में ही सरसों को फैलाकर सुखाने को मजबूर हैं। डीएमईओ महावीर सिंह ने बताया कि किसानों की सरसों को लगातार खरीदा जा रहा है। अभी काफी नमी है। किसानों को सरसों सुखाकर लानी चाहिए। वे मंडी में भी इसको सूखा सकते हैं।
वे कटाई के बाद दो या तीन खुले में रखेंगे तो नमी खत्म हो जाएगी। इसके बाद मंडी में लेकर आएं। सरसों सूखने पर खरीद की जाएगी।