पानीपत। मिड डे मील वर्कर्स यूनियन संबंधित सीटू द्वारा शनिवार को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर चौथा जिला सम्मेलन गीता कॉलोनी स्थित सीटू कार्यालय में किया गया। जिसमे मिड डे मील कार्यकर्ताओं ने सरकारी कर्मचारी का दर्जा और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये देने की मांग की।
सीटू के जिला प्रधान कामरेड सुनील दत्त ने कहा कि मिड-डे मील कार्यकर्ता प्रदेश के सरकारी स्कूलों में बच्चों को ताजा खाना खिलाकर कुपोषण दूर भगाने का काम करती हैं। वे हर रोज सुबह नौ से दोपहर बाद दो बजे तक कार्य करती हैं। इनको मासिक मानदेय मात्र सात हजार रुपये मिल पाता है। यह एक तरह से महिलाओं का आर्थिक शोषण है। जबकि सरकार महिला सशक्तीकरण का ढोल पीट रही हैं। महिला हिंसा, हत्या व दुराचार की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। आबादी का आधा हिस्सा महिलाएं अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही हैं। वे मिड डे मील कार्यकर्ता को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए और न्यूनतम वेतन 26 हजार रुपये मासिक दिया जाए। इसके साथ सामाजिक सुरक्षा दी जाएं। उन्होंने कहा कि सीटू की राष्ट्रीय सामान्य बैठक 23 से 26 को फरीदाबाद में होगी। जिसमें पूरे देश से करीब 700 प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
निर्मला अहलावत बनी जिला प्रधान
सम्मेलन की अध्यक्षता जिला प्रधान निर्मल अहलावत और संचालन जिला सचिव कविता ने किया। सम्मेलन में 11 सदस्य जिला कमेटी का सर्वसम्मति से चुनाव किया गया। जिसमें सर्वसम्मति से निर्मला अहलावत को दोबारा जिला प्रधान और कविता को जिला सचिव बनाया। कोषाध्यक्ष नवीन सपरा, उप प्रधान पतासो व कमलेश, सह सचिव सुनीता व रितु को चुना। पूजा, रीटा, सीमा, रेखा, पुष्पा को कमेटी सदस्य बनाया। जिला प्रधान निर्मल अहलावत ने कहा कि 30 व 31 मार्च को सिरसा जिला में राज्य सम्मेलन किया जाएगा।