पानीपत। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की विशेष एनडीपीएस एक्ट अदालत ने प्रतिबंधित इंजेक्शन की तस्करी करने के आरोपी को दोषी करार दिया है। दोषी इमरान निवासी कैराना शामली यूपी को 10 साल की कैद और दो लाख रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई। जुर्माना जमा न करने पर एक साल की अतिरिक्त सजा भुगतने के आदेश दिए हैं।
अभियोजन पक्ष ने बताया कि चार सितंबर 2019 को पुलिस टीम सनौली के पास गश्त कर रही थी, उसी समय सूचना मिली कि कैराना निवासी इमरान सनौली बस स्टैंड पर खड़ा है और उसके पास प्रतिबंधित इंजेक्शन हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बैग की तलाशी ली ताे उसके पास से चार कार्डबोर्ड बॉक्स बरामद किए, जिनमें से दो खाकी रंग के और दो सफेद रंग के थे, जिनमें डायजेलैब और ब्यूप्रेनॉर्फिन के इंजेक्शन बरामद हुए। आरोपी से लाइसेंस मांगा तो उसके पास कोई लाइसेंस नहीं मिला। मामले की सुनवाई अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश योगेश चौधरी की अदालत में हुई। सुनवाई के बाद अदालत ने आरोपी इमरान को दोषी करार दिया। उसे 10 साल की कैद और दो लाख रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।