पानीपत। नगर निगम के आठ कांग्रेस समर्थित सहित 17 पार्षद मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने के लिए लामबंद हो गए हैं।
इन पार्षदों ने मेयर पर उनकी अनदेखी बरतने और शहर का बराबर विकास न कराने का आरोप लगाया है। 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव को लेकर बैठक बुलाने के लिए पहले मंडल आयुक्त और फिर एडीसी को अपनी मांग सौंपी। इसके बाद शहर की राजनीति में एक बार फिर गर्मा गई है।
कांग्रेस समर्थित सहित इनेलो और भाजपा समेत एक निर्दलीय समेत 17 पार्षदों ने अविश्वास प्रस्ताव के लिए बैठक बुलाने की मांग की।
वे सोमवार शाम को डीसी कैंप आफिस और एडीसी आरएस वर्मा से मिले। उन्होंने एडीसी से अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की और अपने शपथ पत्र एडीसी को सौंपे। एडीसी के सामने नगर निगम के 24 में से 16 पार्षद पेश हुए और वार्ड दो की पार्षद कमलेश मंजोका ने अपना शपथ पत्र अपनी उपस्थिति के तौर पर भेजा। एडीसी ने पार्षदों को उनकी मांग अनुसार उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया। वे इससे पहले रोहतक मंडल आयुक्त के सामने पेश हुए और अपनी मांग रखी।
नगर निगम की पहले की स्थिति
तीन जून को नगर निगम का 24 वार्डों पर चुनाव हुआ।
पांच जून को नगर निगम चुनाव की मतगणना हुई।
तीन जुलाई को लघु सचिवालय में भूपेंद्र सिंह मेयर चुने गए।
12 जुलाई को भूपेंद्र सिंह ने नगर निगम में कार्यभार संभाला।
24 सितंबर को नगर निगम हाउस की पहली मीटिंग
नगर निगम में कांग्रेस समर्थित 15 पार्षद और विपक्ष के हाथ में नौ पार्षद थे। तीन जुलाई को लघु सचिवालय में मेयर को लेकर चुनाव हुआ। जिसमें वार्ड-11 के पार्षद भूपेंद्र के पक्ष के 16 वोट आए और भाजपा के दुष्यंत भट्ट को आठ वोटों में ही संतोष करना पड़ा था। 12 जुलाई को भूपेंद्र सिंह के मेयर को चार्ज लेने के दिन कांग्रेसियों ने विपक्ष पर हमला बोला था और मंच से कहा था कि वे 15 थे और चुनाव में 16 हो गए। यह सब उनकी फूट का ही परिणाम है।
चुनाव के छह माह बाद ही मेयर भूपेंद्र सिंह का बहुमत एक के बाद एक गिरता गया। मेयर के खिलाफ आज आठ कांग्रेस समर्थित और नौ भाजपा-इनेलो और निर्दलीय पार्षद खड़े हैं। इनकी कुल संख्या 17 बन गई और मेयर भूपेंद्र सिंह के पास अब मात्र सात पार्षद रह गए हैं।
कांग्रेस समर्थित इन पार्षदों ने छोड़ा दामन
नंबर नाम वार्ड नंबर
1. कमलेश कुमारी 02
2. जयकुमार 05
3. संजीता 06
4. सुरेश कुमार 07
5. सुधा अग्रवाल 13
6. मंजू कादियान 14
7. सुरेंद्र गर्ग 15
8. शीला देवी 23
ये है विपक्ष
नंबर नाम वार्ड नंबर
1. हरीश कुमार 03
2. सीमा पाहवा 04
3. अशोक कुमार 08
4. रोहिता रेवड़ी 09
5. अशोक कुमार 10
6. सतीश सैनी 12
7. संजीव कुमार 18
8. लोकेश नांगरू 19
9. दुष्यंत भट्ट 24
कांग्रेस समर्थित पार्षदों की अगुवाई वार्ड 15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने की। उनके साथ मंजू कादियान, शीला, सुधा अग्रवाल, संजीता समेत अन्य पार्षद पहुंचे। इन 17 पार्षदों ने मेयर भूपेंद्र सिंह पर अनेदखी का आरोप लगाया। सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि शहर का एक समान विकास नहीं हो रहा। पार्षदों की बातों को अनसुना किया जा रहा है। वार्ड छह की पार्षद संजीता के पति संजीव कुमार ने आरोप लगाया कि गत दिनों उन्होंने मेयर के सामने वार्ड में विकास कराने की मांग रखी थी। मेयर ने उनके साथ बदतमीजी कर दी। सुधा अग्रवाल के पति रामरतन अग्रवाल ने आरोप लगाया कि मेयर उनकी सुनवाई नहीं करते। जिससे उनके विकास कार्य अधर में लटके पड़े हैं। वार्ड 23 की पार्षद शीला ने आरोप लगाया कि वे विकास चाहते हैं और उनके वार्ड में विकास में भेदभाव हो रहा है।
पहले कई बार चेता चुके थे
भाजपा विधायक दल के नेता लोकेश नांगरू की अगुवाई में भाजपा और इनेलो समेत एक निर्दलीय पार्षद पहुंचा। इन पार्षदों ने भी मेयर भूपेंद्र की कार्यप्रणाली पर असंतोष व्यक्त किया। पार्षद दुष्यंत भट्ट ने कहा कि शहर के विकास में भेदभाव हो रहा था। कांग्रेस समर्थित पार्षद ही मेयर की कार्यप्रणाली से खुश नहीं थे। वे कई बार मेयर को चेता चुके थे, लेकिन उनको अनसुना कर दिया। इसका खामियाजा उनको भुगतना पड़ेगा।
मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास कराने को लेकर बैठक बुलाई जाएगी। इसको लेकर जिला प्रशासन सभी पार्षदों को 14 दिन का नोटिस देगा। जिसके बाद बैठक बुलाई जाएगी। उस बैठक में बहुमत साबित करना होगा। बहुमत साबित करने पर मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पास किया जाएगा। यह सब निगर निगम के अधिनियम के तहत कराया जाएगा।
सभी 17 पार्षदों ने छह-छह प्वाइंट का शपथ पत्र सौंपा है।
1. यह है कि मैं नगर निगम पानीपत के वार्ड नंबर... का/की निर्वाचित पार्षद हूं।
2. यह है कि मैं नगर निगम पानीपत के मेयर भूपेंद्र सिंह के कार्य से संतुष्ट नहीं हूं।
3. यह है कि मैं मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाए जाने का/की पक्षधर हूं।
4. यह है कि मैं मेयर क खिलाफ मतदान करूंगी/ करूंगा।
5. यह है कि मैं बयान करती/करता हूं कि मेयर भूपेंद्र सिंह को मेयर के पद से हटाया जाए।
6. यह है कि मैं यह बयान हलफी अपनी मर्जी से दे बिना किसी बहकावे/ दबाव के लिखित दे रही/रहा हूं।
वार्ड-15 के पार्षद सुरेंद्र गर्ग ने कहा कि मेयर शहर में विकास का दावा कर रहे हैं। लेकिन उनके मेयर बनने के बाद एक भी सड़क का टेंडर नहीं छोड़ा गया। ये सब टेंडर उनसे पहले के हैं। वार्डों में विकास नहीं हो रहे और मेयर भूपेंद्र सिंह विधायक के आसपास रहते हैं और विधायक के कहने पर ही किसी काम को करते हैं। जो वार्ड पार्षदों की अनदेखी है।
भाजपा नेता सुरेंद्र रेवड़ी ने कहा कि वे मेयर के खिलाफ न ही उनके धर्म के खिलाफ हैं। शहर के कुछ लोगों ने मेयर के पक्ष में आकर डीसी को तीन जनवरी के मामले में ज्ञापन सौंपा है। यह सब शहर विधायक बलबीर पाल शाह का ड्रामा है। शाह वोट की राजनीति के चलते धर्म को बीच में लाने लगे हैं। वे भी सिख परिवार से संबंध रखते हैं और उन्होंने मेयर के धर्म पर कोई कटाक्ष भी नहीं किया।
मेयर भूपेंद्र सिंह ने बताया कि वे शहर के सभी पार्षदों के साथ हैं और मन से शहर का विकास कराना चाहते हैं। निगम पार्षद उसकी कार्यप्रणाली से संतुष्ट नहीं हैं तो वे एक बार इशारा कर देते। वे खुद कुर्सी छोड़ देते। उनको कुर्सी से कोई लालच नहीं है। वे जनता के सेवा करने के लिए पार्षद बने थे। वे मेयर से हटने के बाद भी सेवा करते रहेंगे।
शहर विधायक बलबीर पाल शाह ने कहा कि नगर निगम बनने के बाद शहर में विकास हुआ है। वे आगे भी विकास के प्रयास कर रहे हैं। मेयर भूपेंद्र ने भी शहर के विकास में कमी नहीं छोड़ी है। कुछ पार्षदों ने अभी अविश्वास प्रस्ताव सौंपा है। इसकी मीटिंग में दखेंगे। विपक्ष के लोग 17 पार्षदों की बात करते हैं। वे 16 पार्षद ही पूरे कर दिखाए दें।
वर्जन
नगर निगम के 17 पार्षदों ने मेयर भूपेंद्र सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की मांग की है और अपने शपथ पत्र सौंपे हैं। इन 17 में से 16 पार्षद उनके सामने पेश हुए हैं। वे नगर निगम अधिनियम के तहत वार्ड की बैठक बुलाएंगे और बैठक में अविश्वास प्रस्ताव की बात रखेंगे।
आरएस वर्मा, एडीसी एवं संयुक्त आयुक्त नगर निगम पानीपत