कुरुक्षेत्र। पाठ करते महंत जगन्नाथ पुरी एवं श्रद्धालु।
कुरुक्षेत्र। श्री मारकंडेश्वर महादेव मंदिर ठसका मीरां जी में भगवान श्री कृष्ण के प्रिय मार्गशीर्ष महीने में निरंतर गीता पाठ किया जा रहा है। भगवान शिव के परम भक्ति ऋषि मारकंडेय के पूजन एवं अभिषेक के लिए भी मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। अखिल भारतीय श्री मारकंडेश्वर जनसेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत जगन्नाथ पुरी ने मार्गशीर्ष संक्रांति के अवसर पर गीता पाठ में कहा कि मार्गशीर्ष महीने का विशेष महत्व है, क्योंकि इसी महीने में भगवान श्रीकृष्ण ने कुरुक्षेत्र में महाभारत के दौरान युद्धक्षेत्र में अर्जुन को श्रीमद्भगवद्गीता का दिव्य ज्ञान दिया था। महंत जगन्नाथ पुरी ने कहा कि गीता का मुख्य संदेश निस्वार्थ कर्म करना है। भगवान ने अर्जुन के माध्यम से मानव समाज से कहा कि तुम्हें केवल कर्म करने का अधिकार है, उसके फल पर कभी नहीं।
महंत जगन्नाथ पुरी ने गीता पाठ में कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने आत्मा के अजर-अमर और शाश्वत होने का ज्ञान दिया जिसे न शस्त्र काट सकते हैं, न आग जला सकती है। इस अवसर पर स्वामी संतोषानंद, स्वामी सीताराम, स्वामी राम नाथ पुरी, स्वामी पृथ्वी पुरी, बिल्लू पुजारी, आकाश गिरी, साक्षी गिरी, अनुराधा, राम कुमार मौजूद रहे।
कुरुक्षेत्र। पाठ करते महंत जगन्नाथ पुरी एवं श्रद्धालु।